केरल में एनसीबी और भारतीय नौसेना ने एक संयुक्त अभियान चलाकर भारतीय जलक्षेत्र में लगभग 2500 किलोग्राम की मेथामफेटामाइन जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है। एंटी-ड्रग एजेंसी ने शनिवार को कहा कि अधिकारियों ने ड्रग्स को एक पोत से जब्त किया।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कहा कि यह देश में मेथमफेटामाइन की सबसे बड़ी जब्ती थी और इसके सिलसिले में एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया गया है। अभियान के तहत अब तक करीब 3,200 किलोग्राम मेथमफेटामाइन, 500 किलोग्राम हेरोइन और 529 किलोग्राम हशीश जब्त की गई है।
एनसीबी ने मीडिया से जब्ती का विवरण देते हुए कहा कि एंटी ड्रग्स ऑपरेशन के तहत एनसीबी और नौसेना ने 'ऑपरेशन समुद्रगुप्त' चलाया था। इस ऑपरेशन के जरिए अफगानिस्तान से आने वाले मादक पदार्थों की समुद्री तस्करी पर निगरानी रखी जा रही थी। एजेंसी ने कहा कि एनसीबी द्वारा पिछले डेढ़ साल में दक्षिणी मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी की यह तीसरी बड़ी जब्ती है।
संजय कुमार सिंह ने पूरे आगे कहा कि एनसीबी और नौसेना ने हिंद महासागर में एक सफल ऑपरेशन किया। यह अपने मौद्रिक मूल्य के मामले में सबसे बड़ा है। मौद्रिक मूल्य लगभग 15,000 करोड़ रुपये है। ड्रग्स का स्रोत पाकिस्तान है। मदर शिप समुद्र में विभिन्न बिंदुओं पर तैनात किया जा रहा था। छोटी नावें विभिन्न देशों से जाएंगी और मुख्य जहाजों से खेप एकत्र करेंगी। यह खेप श्रीलंका, मालदीव और भारत के लिए थी।
आगे उन्होंने कहा कि एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। हमने ऑपरेशन समुद्रगुप्त को फरवरी 2022 में शुरू किया था, उस ऑपरेशन के हिस्से के रूप में हमने लगभग 4,000 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त किए हैं।