आम्रपाली में निवेश करने वाले ग्राहकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कंपनी के सभी अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी अब नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) को दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से यह भी कहा है कि वह 30 दिनों के भीतर सभी अधूरे प्रोजेक्ट की समससीमा और खर्च के बारे में लिखित प्रस्ताव जमा करवाए।
इससे पहले न्यायालय ने ‘‘निवेशकों से धोखाधड़ी’’ करने और न्यायालय के साथ ‘‘ओछा खेल खेलने’’ के लिये आम्रपाली समूह को फटकार लगाई थी और उसकी 40 फर्मों के सारे बैंक खाते तथा चल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने आम्रपाल समूह को निर्देश दिया कि वह 2008 से आज तक के अपने सारे बैंक खातों का विवरण पेश करे। न्यायालय इस समूह की 40 फर्मो के सभी निदेशकों के बैंक खाते जब्त करने का भी आदेश दिया है।