भारतीय समाचार पत्र सोसायटी (आईएनएस) ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस सुझाव को गलत करार दिया जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और सार्वजनिक उद्यमों द्वारा दो साल के लिए मीडिया को विज्ञापन न देने को कहा है। आईएनएस अध्यक्ष शैलेश गुप्ता ने कहा, यह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद सुझाव है।
गुप्ता ने कहा, कोरोना संकट के इस दौर में प्रिंट मीडिया ही एक ऐसा माध्यम है जिस पर विश्वसनीय खबरें हैं। मीडियाकर्मी जान जोखिम में डालकर लोगों तक सरकार के प्रयासों और कोरोना संबंधित सत्य खबरें पहुंचा रहे हैं। प्रिंट मीडिया पहले ही डिजिटल मीडिया और आर्थिक मंदी के चलते परेशान है। उस पर लॉकडाउन से राजस्व में कमी आई है।
ऐसे में अगर सरकारी विज्ञापन बंद हो जाएंगे तो प्रिंट मीडिया के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा और जान जोखिम में डालकर काम कर रहे मीडियाकर्मियों के वेतन भुगतान में मुश्किल होगी। प्रिंट मीडिया लोकतंत्र में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, प्रिंट मीडिया इकलौता उद्योग है जिसमें वेतन बोर्ड है और सरकार ने तय किया है कि किस कर्मचारी को कितना वेतन देना है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष के इस सुझाव से इस क्षेत्र में आर्थिक संकट खड़ा होगा। गुप्ता ने निष्पक्ष मीडिया के हित में कांग्रेस अध्यक्ष से दो वर्ष के लिए विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सुझाव पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।