लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला और सांसद असादुद्दीन ओवैसी के बीच बीवी-शौहर पर जुबानी जंग छिड़ गई। जुबानी जंग तब छिड़ी जब नजमा ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से संबंधित सवाल केजवाब में ओवैसी को अपनी पत्नी के लिए एक करोड़ के कर्ज का प्रस्ताव दिया। इस पर बुरी तरह भड़के ओवैसी ने नजमा से कहा कि क्या सदन में मैं भी आपके पति का नाम लूं, उनके बारे में बताऊं?
मामला बिगड़ता देख जब नजमा ने कहा कि उन्होंने सांसद की पत्नी की शान में गुस्ताखी नहीं की है तो ओवैसी ने भी तत्काल पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा कोई कर भी नहीं सकता। हालांकि जब दोनों के बीच सवाल जवाब और तीखी नोंकझोंक हो रही थी, तब सदन में भाजपा और शिवसेना के कई सांसदों ने कई बार भारत माता की जय के नारे लगाए। गौरतलब है कि ओवैसी ने कहा था कि वह गर्दन पर छुरी रखने के बाद भी यह नारा नहीं लगाएंगे।
दोनों के बीच नोंकझोंक की नींव ओवैसी के सवाल पूछने के साथ ही पड़ गई थी। ओवैसी ने नजमा से पूछा कि स्टार्ट अप स्टैंड अप योजना से मुसलमानों को कितना लाभ मिला। इसके जवाब में नजमा ने कहा कि सिर्फ यही योजना नहीं मुद्रा योजना का लाभ सभी वर्गों की महिलाओं को मिला है। समाज में जिस भी वर्ग में महिलाएं गरीब हैं उन्हें इसका लाभ मिल रहा है। मोदी सरकार धर्म या जाति के आधार पर योजना बनाने में विश्वास नहीं रखती। इसके बाद राजद सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने मुद्रा योजना में एससी-एसटी वर्ग की तरह अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग को भी कोटा देने की मांग की। इसका पुराना जवाब देते हुए नजमा ने कहा कि इस योजना के तहत ओवैसी साहब भी अपनी पत्नी के नाम पर एक करोड़ का कर्ज ले सकते हैं।
इतना सुनते ही ओवैसी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी इस सदन की सदस्य नहीं है। यह निजी हमला है। इसके बाद उन्होंने वेल के करीब पहुंच कर नजमा से पूछा कि क्या वह भी उनके पति के नाम लें और उनके बारे में बताएं। हालात तनावपूर्व होते देख नजमा ने स्थिति संभालने की नीयत से कहा कि उन्होंने उनकी पत्नी की शान में कोई गुस्ताखी नहीं की है। इस पर ओवैसी ने कहा कि कोई उनकी पत्नी की शान में गुस्ताखी कर भी नहीं सकता। विवाद बढ़ने पर स्पीकर ने ओवैसी को टिप्पणी को हलके में लेने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने बाद में मामले को संभाल लिया।