गवाही देने भाई के साथ कोर्ट पहंची नाजिया
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बहादुरी के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों से रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड पाने वाली नाजिया पुलिस के रवैये से बुरी तरह आहत है। एक तो उसे सताने के आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जा रहे। दूसरा सोमवार को मंटोला थाने का दरोगा उसे बयान दर्ज कराने के लिए कचहरी बुलाकर खुद गैर हाजिर हो गया।
घंटों बाद आया, लेकिन बयान दर्ज नहीं करवाया। इसके बाद जब वह लौट रही थी तो आरोपियों ने उसे घेर लिया। धमकी दी और पिटाई कर दी। नाजिया ने बताया कि वह इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने दीवानी पुलिस चौकी पहुंची तो वहां से हरीपर्वत थाना भेज दिया गया।
उसका सवाल है कि आरोपियों को कैसे पता चला कि वह मंगलवार सुबह बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट जाएगी। इसकी जानकारी उसके सिवाय सिर्फ पुलिस को ही थी। दरोगा ने उसे फोन करके बुलाया था। उससे चार फोटो, आधार कार्ड, उम्र प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा।