महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के भामरागढ़ में नक्सलियों ने तीन लोगों की हत्या कर दी है। उन्हें शक था कि यह लोग पुलिस के मुखबिर हैं। तीनों के शव भामरागढ़ तालुका के कोसफुंदी गांव के पास सड़क पर मिले। इनकी हत्या पिछले साल अप्रैल में पुलिस मुठभेड़ मे मारे गए 40 नक्सलियों के बदले में की गई।
गढ़चिरौली डिवीजन कमेटी में नक्सलियों ने एक बैनर लगाया है। मृतकों के नाम मालू डोगे मडावी, कन्नू राणा मडावी और लालसो माशा कुदायेटी हैं। 100 से ज्यादा नक्सली हथियारों के बल पर तीनों ग्रामीणों को वहां से ले गए थे। माना जा रहा है कि यह सभी नकस्ली छत्तीसगढ़ के थे।
इससे पहले 16 जनवरी को नक्सलियों ने जमुई जिले में चकाई थाना क्षेत्र के गुरूरबाद गांव में कथित माओवादियों के एक दस्ते ने पुलिस मुखबिरी के संदेह में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में एक भी महिला घायल हुई थी। मौके से मिले पर्चे के आधार पर स्थानीय पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हथियारबंद दस्ता प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के थे।
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