केरल के वायनाड जिले में पुलिस के साथ चली एक लंबी मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को दी। यह मुठभेड़ बुधवार रात शुरू हुई थी, जोकि बृहस्पतिवार सुबह तक जारी रही। पुलिस ने संदिग्ध नक्सली की पहचान मलप्पुरम जिला निवासी नक्सली नेता सीपी जलील के रूप में की है। सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों का एक समूह बुधवार रात को एक निजी रिसॉर्ट में पहुंचा था और समूह के 10 सदस्यों के लिए खाने और पैसे की मांग कर रहा था। रिसॉर्ट के स्टाफ ने नक्सली समूह की मौजूदगी के बारे में पुलिस को सूचना दी और केरल पुलिस का एक विशेष दस्ता ‘थंडरबोल्ट’ घटनास्थल पर पहुंचा।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को मुठभेड़ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी बाद में पहचान नक्सली नेता सीपी जलील के रूप में हुई। इस मुठभेड़ में कोई अधिकारी घायल नहीं हुआ है। इस मुठभेड़ में नक्सली नेता के मरने के बाद उसके अन्य नक्सली साथी मौके से भागकर जंगल में छिप गए। पुलिस ने वायनाड जिले में वीथिरी के निकट जंगल के इलाके में घेरा बंदी कर दी है और सशस्त्र समूह के बाकि सदस्यों को पकडने के लिए तलाशी अभियान जारी है, लेकिन अभी तक कोई अन्य नक्सली हाथ नहीं आया है।
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीपी जलील की गिनती अग्रणी नक्सली नेताओं में होती थी, जिसकी काफी समय से पुलिस को तलाश थी। इस बीच, नक्सली नेता के भाइयों सीपी रशीद और सीपी जिषाद ने जलील के शव पर गोलियों के कई निशान पाए जाने के बाद जिला कलेक्टर से उसकी मौत की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार ने उनके भाई की मौत के संबंध में शिकायत दर्ज की है। कन्नूर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बलराम कुमार उपाध्याय ने इसके लिये पुलिस और जिला अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। केरल थंडरबोल्ट्स, भारतीय रिजर्व बटालियन के तहत केरल पुलिस का एक उत्कृष्ट कमांड बल है।