सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2005 के नौसेना वार रूम लीक मामले में आपराधिक मुकदमा झेल रहे दो नौसैनिक अधिकारियों को बर्खास्त करने के फैसले को उचित माना है। जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने वर्ष 2013 के सशस्त्र सेना न्यायाधिकरण के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी कमांडर विजेंद्र राणा और वीके झा ने दलील दी थी कि उन दोनों को न तो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। पीठ ने उनकी याचिका में कोई मेरिट नहीं पाया। उन्होंने दोनों अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने संबंधी सरकार के फैसले को बरकरार रखा।