भारतीय नौसेना को और ज्यादा
सबमरीन किलर कहे जाने वाले विमान बोइंग ’पी-8आई’ की जरूरत है। इससे समुद्र की निगरानी और दुश्मन देशों की पनडुब्बियों पर निगाह रखने में मदद मिलेगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने इंडिया स्ट्रैटेजिक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में यह बात कही है।
एडमिरल लांबा ने कहा, हवाई निगरानी नौसेना आपरेशनों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि नौसेना को कितने विमानों की जरूरत है। हालांकि उनके पूर्ववर्ती नौसेना प्रमुखों ने 30 लंबी दूरी के समुद्री विमानों की जरूरत की बात कही थी। इसमें से आठ विमान भारतीय नौसेना को मिल चुके हैं और चार अन्य का आर्डर दिया जा चुका है।
विशेषज्ञों के मुताबिक नौसेना का आधुनिकीकरण लंबी प्रक्रिया है, जिसमें 30 साल तक का वक्त लगता है। ऐसे में पनडुब्बियों को तुरंत नहीं बदला जा सकता है। पर पी-8आई दुश्मनों की पनडुब्बियों को खोजने और उन्हें खत्म करने की तुरंत ताकत दे देगा।
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