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Navy Day 2025: कोलकाता पहुंचेंगे आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा, आम लोग भी कर सकेंगे समुद्री ताकत का अहसास

Tue, 25 Nov 2025 11:04 PM IST
पवन पांडेय एन. अर्जुन, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय नौसेना के दो प्रमुख गाइडेड मिसाइल कोर्वेट दस्तक देने वाले हैं। नेवी सप्ताह और नेवी डे 2025 के अवसर पर आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा कोलकाता में लंगर डालेंगे। जहां खिदिरपुर डॉक पर आम नागरिकों के लिए खुले रहेंगे।
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आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेवी सप्ताह और नेवी डे 2025 के अवसर पर पूर्वी नौसेना कमान के दो प्रमुख गाइडेड मिसाइल कोर्वेट- आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा परसों यानी गुरुवार को कोलकाता में बंदरगाह पर लंगर डालेंगे। दोनों युद्धपोत वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना की मिशन-आधारित तैनाती का हिस्सा हैं और नागरिकों से जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से शहर का दौरा कर रहे हैं। नौसेना सप्ताह के दौरान कोलकाता में युद्धपोतों की मौजूदगी शहरवासियों को भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता और समुद्री शक्ति को करीब से देखने का एक अनूठा अवसर देगी।
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आईएनएस खंजर - फोटो : अमर उजाला
ग्रे फरारी नाम से है विख्यात आईएनएस खंजर
आईएनएस खंजर पी-25 श्रेणी का चौथा गाइडेड मिसाइल कोर्वेट है, जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से बनाया है। यह 22 अक्टूबर 1991 को नौसेना में शामिल हुआ था। 'ग्रे फरारी' के नाम से मशहूर आईएनएस खंजर का आदर्श वाक्य 'बैटर देन द बेस्ट' है। इसका जुड़ाव भारतीय सेना की कुमाऊं और नागा रेजिमेंट से है। फिलहाल इसका नेतृत्व कमांडर रोनी चावपू कर रहे हैं।

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आईएनएस कोरा - फोटो : अमर उजाला
गोरखा वीरता का प्रतीक है आईएनएस कोरा
आईएनएस कोरा, पी-25ए श्रेणी का प्रमुख कोर्वेट, भी जीआरएसई द्वारा बनाया गया है और 10 अगस्त 1998 से नौसेना में सेवा दे रहा है। 'कोरा'- नेपाल की पारंपरिक और ताकतवर तलवार-के नाम पर रखे इस पोत का प्रतीक गोरखा वीरता माना जाता है। आईएनएस कोरा का कमान कमांडर चंदन झा के पास है। 
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दोनों जहाज पूर्वी फ्लीट का हिस्सा
दोनों जहाज पूर्वी फ्लीट का हिस्सा हैं और फ्लीट ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) के परिचालन नियंत्रण में कार्यरत हैं। भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हुए ये जहाज़ सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाले हथियारों से लैस हैं। इनका मुख्य कार्य प्रथम-प्रहार क्षमता प्रदान करना है। शांति काल में ये भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की सुरक्षा, तटीय ढांचों की रक्षा, एंटी-पायरेसी और आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा समुद्री कूटनीति के मिशन का संचालन करते हैं।

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आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक
इन युद्धपोतों में अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट, मिसाइलें, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, नेविगेशनल रडार और फायर-कंट्रोल सिस्टम लगे हुए हैं। वर्षों में कई अपग्रेड के चलते ये प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना की भविष्य की तैयारियों और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी युद्धपोत निर्माण प्रयासों के मजबूत प्रतीक बन चुके हैं।

27 से 30 नवंबर तक जनता के लिए खुले रहेंगे पोत
आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा कोलकाता के खिदिरपुर डॉक, बर्थ नंबर 11 (गेट नंबर 3) पर  28 नवंबर: सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक, 29 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक और 30 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक समय में नागरिकों के लिए खुले रहेंगे। प्रवेश के लिए वैध भारतीय फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से दिखाना होगा।


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