ग्रे फरारी नाम से है विख्यात आईएनएस खंजर
आईएनएस खंजर पी-25 श्रेणी का चौथा गाइडेड मिसाइल कोर्वेट है, जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से बनाया है। यह 22 अक्टूबर 1991 को नौसेना में शामिल हुआ था। 'ग्रे फरारी' के नाम से मशहूर आईएनएस खंजर का आदर्श वाक्य 'बैटर देन द बेस्ट' है। इसका जुड़ाव भारतीय सेना की कुमाऊं और नागा रेजिमेंट से है। फिलहाल इसका नेतृत्व कमांडर रोनी चावपू कर रहे हैं।
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दोनों जहाज पूर्वी फ्लीट का हिस्सा
दोनों जहाज पूर्वी फ्लीट का हिस्सा हैं और फ्लीट ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) के परिचालन नियंत्रण में कार्यरत हैं। भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हुए ये जहाज़ सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाले हथियारों से लैस हैं। इनका मुख्य कार्य प्रथम-प्रहार क्षमता प्रदान करना है। शांति काल में ये भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की सुरक्षा, तटीय ढांचों की रक्षा, एंटी-पायरेसी और आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा समुद्री कूटनीति के मिशन का संचालन करते हैं।
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आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक
इन युद्धपोतों में अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट, मिसाइलें, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, नेविगेशनल रडार और फायर-कंट्रोल सिस्टम लगे हुए हैं। वर्षों में कई अपग्रेड के चलते ये प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना की भविष्य की तैयारियों और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी युद्धपोत निर्माण प्रयासों के मजबूत प्रतीक बन चुके हैं।
27 से 30 नवंबर तक जनता के लिए खुले रहेंगे पोत
आईएनएस खंजर और आईएनएस कोरा कोलकाता के खिदिरपुर डॉक, बर्थ नंबर 11 (गेट नंबर 3) पर 28 नवंबर: सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक, 29 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक और 30 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक समय में नागरिकों के लिए खुले रहेंगे। प्रवेश के लिए वैध भारतीय फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से दिखाना होगा।