नेवी के टॉप कमांडर मंगलवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय सम्मेलन में भारत के समक्ष समुद्री मोर्चे पर उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा करेंगे। चीन की बढ़ती नौसैन्य शक्ति और हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी बढ़ती सैन्य मौजूदगी सम्मेलन में चर्चा का केंद्र बिंदु होगी।
द्विवार्षिक नौसैन्य कमांडर सम्मेलन में नौसेना की महत्वाकांक्षी आधुनिकीकरण योजना, इसकी युद्ध संबंधी तैयारी और कई अन्य अभियानगत एवं रणनीतिक मुद्दों की भी समीक्षा की जाएगी।
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नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने कहा, ‘युद्ध के मोर्चों पर अभियानगत प्रभावशीलता, साजोसामान और दूरस्थ अभियानों के लिए तटीय सहायता अवसंरचना विकास पर ध्यान देने के साथ नौसेना की युद्धगत तैयारी की समीक्षा की जाएगी।’
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी सम्मेलन को संबोधित करेंगी। इसके विभिन्न सत्रों में शीर्ष रक्षा अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन के थलसेना और वायुसेना के प्रमुखों द्वारा भी संबोधित किए जाने की संभावना है।