नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने रक्षा मंत्री को सेना और सैनिकों के जज्बे से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी तत्परता, धैर्य और संकल्प का परीक्षण किया। हमारे नौसेना कर्मियों ने साहस, समन्वय और अदम्य संकल्प के साथ चुनौती का सामना किया और उस पर विजय प्राप्त की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को गोवा में आईएनएस विक्रांत पर पहुंचे। उन्होंने नौसैनिकों से मुलाकात की। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने रक्षा मंत्री को सेना और सैनिकों के जज्बे से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि हम किसी भी चुनौती का कहीं भी, कभी भी, कैसे भी सामना करने के लिए तैयार हैं।
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उन्होंने कहा कि मैं भारतीय नौसेना की ओर से आईएनएस विक्रांत पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत करता हूं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज वे उन नौसेना अधिकारियों के बीच मौजूद हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की योजनाओं को सफलतापूर्वक सक्षम बनाया। आपका नेतृत्व हमेशा भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने वाला रहा है। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी तत्परता, धैर्य और संकल्प का परीक्षण किया। हमारे नौसेना कर्मियों ने साहस, समन्वय और अदम्य संकल्प के साथ चुनौती का सामना किया और उस पर विजय प्राप्त की। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय न केवल उन नौसेना कर्मियों को जाता है, जिन्होंने समुद्र में बहादुरी से लड़ाई लड़ी, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी जाता है, जिन्होंने भारतीय नौसेना पर भरोसा किया, उसका समर्थन किया और उसे सक्षम बनाया।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि मैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को आश्वस्त करता हूं कि भारतीय नौसेना भारत के नए नॉर्मल के लिए हमेशा तैयार है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। हम किसी भी चुनौती का कहीं भी, कभी भी, कैसे भी सामना करने के लिए तत्पर हैं।