पहले हाथ-पांव बांधे फिर केरोसिन डालकर आग लगा दी
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 25 अगस्त की तड़के उरण के पगोटेगांव में हुई। उरण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक हनीफ मुलानी ने बताया कि आरोपी राजकुमार रामशिरोमणि साहू को अपनी पत्नी जगरानी राजकुमार साहू पर विवाहेतर संबंध होने का शक था। इसी शक में उसने अपनी पत्नी जगरानी को कमरे में बंद कर पहले हाथ-पांव बांधे, फिर उस पर केरोसिन डालकर लाइटर से आग लगा दी। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के अगले दिन आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया।
गढ़ी आत्महत्या की झूठी कहानी, लेकिन पकड़ा गया
मामले में शुरु में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली थी। इतना ही नहीं उसने यह भी बताया कि घटना के वक्त वह मौके पर नहीं था। उसके इसी बयान के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था। लेकिन जब गहनता से जांच की गई तो मामला ही कुछ और निकला। वरिष्ठ निरीक्षक हनीफ मुलानी ने बताया कि हमारी जांच में उसकी कहानी में विसंगतियां पाई गईं।
सात साल की बेटी ने बताया- पापा ने ही लगा दी आग
उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में जब आरोपी की सात साल की बेटी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पिता ने ही मां को आग लगाई थी। इसके साथ ही इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। उसमें भी आरोपी को घटना के तुरंत बाद घर से बाहर जाते हुए देखा गया। इससे उसके दावे की पोल खुल गई। अधिकारी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण सबूत था, इससे आरोपी का यह दावा खारिज हो गया कि वह घटना के समय घर पर मौजूद नहीं था।
हत्या का केस दर्ज
उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और प्रत्यक्षदर्शी बच्ची के बयान के आधार पर 26 अगस्त को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ निरीक्षक हनीफ मुलानी ने कहा कि जांच के आधार पर हम कह सकते हैं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है और इसमें घरेलू हिंसा की बर्बरता झलकती है। आगे की जांच जारी है।