नौसेना कमांडर क्षितिज सक्सेना का कहना है कि एनआईएसएआर विदेशी मित्र नौसेनाओं के साथ अंतरसंचालनीयता और सुरक्षित संचार सुनिश्चित करने के लिए बेहतर विकल्प है। समुद्र में जब दो मित्र देशों की नौसेनाएं एक साथ काम करती हैं तो संवाद की आवश्यकता होती है।
भारतीय नौसेना ने एक सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म एनआईएसएआर विकसित किया है। नौसेना कमांडर क्षितिज सक्सेना का कहना है कि एनआईएसएआर विदेशी मित्र नौसेनाओं के साथ अंतरसंचालनीयता और सुरक्षित संचार सुनिश्चित करने के लिए बेहतर विकल्प है। समुद्र में जब दो मित्र देशों की नौसेनाएं एक साथ काम करती हैं तो संवाद की आवश्यकता होती है। संवाद स्थापित करने के कई तरीके हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम सुरक्षित संचार प्रणाली का इस्तेमाल करें, जिससे हम आसानी से अपने संदेशों का आदान-प्रदान कर सकें। इस वजह से एनआईएसएआर एक उचित विकल्प है और इसे लागू किया गया है।
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एनआईएसएआर के अलावा, भारतीय नौसेना ने चैट जीपीटी का अपना संस्करण भी विकसित किया है। इसके बारे में कमांडर सक्सेना ने बताया कि चैट जीपीटी ने दुनिया भर में तूफान ला दिया, जिसका मुख्य कारण था, इसका लचीलापन। चैट जीपीटी की जानकारी देने का तरीका पहले किसी ने नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि इसी तरह से हमने भी एक ओपन सोर्स से अपना एलएलएम (बड़े भाषा मॉडल) लिया फिर उसे सॉफ्टवेयर में डाला और अपने उसे काम के अनुसार तैयार किया।