केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं की वजह से जहां देश में 1997 लोगों की मौत हुई है, साथ ही 30,615 पशुओं की भी जान गई। आपदाओं की वजह से 18,54,901 हेक्टेयर फसलें भी तबाह हुई हैं।
देश में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से साल 2022-23 में कुल 1997 लोगों की जान गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं की वजह से जहां देश में 1997 लोगों की मौत हुई है, साथ ही 30,615 पशुओं की भी जान गई। आपदाओं की वजह से 18,54,901 हेक्टेयर फसलें भी तबाह हुई हैं।
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बता दें कि भारत जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है, जिसकी वजह से यहां प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी होगी। एशिया पैसिफिक डिजास्टर रिपोर्ट 2021 में दावा किया गया था कि भारत की गरीब तबके की 60 फीसदी आबादी पर बीमारी, प्राकृतिक आपदाओं का खतरा मंडरा रहा है। आशंका है कि साल 2040 तक कमजोर तबके की करीब 71 फीसदी आबादी जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली आपदाओं का शिकार हो जाएगी।
जम्मू कश्मीर में आया हजारों करोड़ का निवेश
केंद्रीय मंत्री ने ये भी बताया कि जम्मू कश्मीर में बीते पांच सालों में करीब 1547 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, साल 2017-18 से लेकर जनवरी 2022 तक राज्य में 1547.87 करोड़ का निवेश आया है।
आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर क्या बोली सरकार
केंद्रीय मंत्री ने ये भी बताया कि गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और कैडर से अपील की है कि आईपीएस अधिकारियों को उनके तय सेंट्रल डेप्युटेशन रिजर्व के मुताबिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति दी जाए। आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के संबंध में आईपीएस कार्यकाल नीति में जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, एक अधिकारी यदि कोई अधिकारी केंद्र में अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाने में असफल रहता है तो उसे पांच साल के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से प्रतिबंधित कर दिया जाए।