फैबियन ने कहा कि 'ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार पाना चाहते हैं, लेकिन वो उन्हें नहीं मिलेगा। नोबेल शांति पुरस्कार गाजा में मुश्किल हालात में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को मिलना चाहिए।'
भारत के पूर्व राजनयिक केबी फैबियन ने नाटो प्रमुख मार्क रूट के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि नाटो प्रमुख बगैर तथ्यों के गलत बयानबाजी कर रहे हैं। दरअसल नाटो प्रमुख मार्क रूट अमेरिका दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। ट्रंप से मुलाकात के बाद नाटो प्रमुख ने भारत, चीन और ब्राजील को चेतावनी दी कि अगर इन देशों ने रूस से व्यापार जारी रखा तो उन पर भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया जाएगा।
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केबी फैबियन ने मार्क रूट को दिखाया आईना
मार्क रूट की इस धमकी पर पूर्व राजनयिक केबी फैबियन ने कहा कि 'न तो वे (मार्क रूट) खुद और न ही उनका कार्यालय ऐसा करने की शक्ति रखता है। नाटो प्रमुख बिना तथ्यों के आधार पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं कि वे प्रतिबंध लगा देंगे, लेकिन उनके पास ये करने का अधिकार नहीं है।' पूर्व राजनयिक ने कहा कि सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही ऐसे प्रतिबंध लगा सकते हैं, लेकिन उनकी फैसला लेने की क्षमता भी सवालों के घेरे में है। फैबियन ने कहा कि 'ट्रंप ने कहा है कि उन्हें प्रतिबंधों का एलान करने के लिए सीनेट की मंजूरी की भी जरूरत नहीं है। वह खुद ये फैसला ले सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे 50 दिन बाद इस पर विचार करेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो वह पुतिन को 50 दिन और दे रहे हैं कि वे यूक्रेन के और हिस्से पर कब्जा कर सकें?'
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी
फैबियन ने कहा कि 'ट्रंप का कहना है कि हर हफ्ते 7000 लोग मर रहे हैं तो इस तरह 50 दिन में तो 49 हजार लोग और मरेंगे, लेकिन लगता नहीं कि ट्रंप इससे परेशान भी हैं।' गौरतलब है कि ट्रंप ने कहा है कि वे रूस से तेल गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं। इसे लेकर अमेरिकी संसद में आने वाले दिनों में विधेयक पेश किया जा सकता है। नाटो प्रमुख मार्क रूट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत, चीन और ब्राजील को चेतावनी देते हुए कहा कि तीनों देश रूस के साथ अपने व्यापार संबंधों पर फिर से विचार करें या फिर 100 प्रतिशत तक सेकेंडरी प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहें। ब्राजील, चीन और भारत, रूस के बड़े तेल खरीददार हैं।