मद्रास हाईकोर्ट ने माना है कि श्रीलंका की महिला आधार, वोटर कार्ड और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिक होने का दावा नहीं कर सकती है। भारत की नागरिकता के लिए सक्षम प्राधिकरण से पुष्टि होना आवश्यक है। जस्टिस टी. राजा ने श्रीलंकाई महिला की बेटी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पिछले सप्ताह पहले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार महिला की रिहाई की मांग की गई थी।
जज ने अपने आदेश में कहा, ‘हालांकि महिला ने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर पहचान पत्र और अपनी मां मैरिज सर्टिफिकेट पेश किया है। लेकिन महिला की मां ने भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए सक्षम प्राधिकरण के पास कोई आवेदन नहीं किया है।’
जज ने कहा, ‘इन सब के बावजूद जब श्रीलंका की सरकार ने याचिकाकर्ता की मां के स्टेटस को स्वीकार करते हुए उसके श्रीलंका लौटने का पासपोर्ट जारी कर दिया है तो रिट याचिका वैसी ही खारिज हो जाती है। ’