राष्ट्रीय महिला आयोग ने यौन शोषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि कपड़े के ऊपर से नाबालिग के अंगों को छूना यौन हमला नहीं है।
उल्लेखनीय है कि चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने 27 जनवरी को हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। एक याचिका में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि यदि शारीरिक स्पर्श की ऐसी व्याख्या होगी, तो यौन शोषण की शिकार महिलाओं के बुनियादी अधिकारों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।