मोहलाल ने टेरिटोरियल आर्मी के स्थापना दिवस पर जवानों को किया सलाम
मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार मोहनलाल ने शुक्रवार को टेरिटोरियल आर्मी के स्थापना दिवस पर इसके जवानों को शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा के लिए उनके सेवा भाव तथा बलिदान की सराहना की। टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद प्राप्त मोहनलाल ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि किसी राष्ट्र की ताकत उन लोगों के साहस में निहित होती है, जो उसकी रक्षा के लिए खड़े रहते हैं। 122 (टीए) इन्फैंट्री बटालियन मद्रास से जुड़े अभिनेता ने कहा कि टेरियर्स समाज के विभिन्न वर्गों से आते हैं और देश की सुरक्षा तथा सम्मान के लिए सेवा, बलिदान और अटूट समर्पण की गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने टेरिटोरियल आर्मी के जवानों के जज्बे और प्रतिबद्धता को सलाम करते हुए अपने साथी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। मोहनलाल ने कहा, '122 (टीए) इन्फैंट्री बटालियन मद्रास का हिस्सा होने पर गर्व है। जय हिंद!'
जंगली सूअर के हमले के संदेह में महिला की मौत
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में जंगली सूअर के कथित हमले में 56 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मृतका एम. काली मुथु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं। घर में शौचालय नहीं होने और सामुदायिक शौचालयों के इस्तेमाल लायक नहीं होने के कारण वह छह अक्टूबर की रात करीब नौ बजे शौच के लिए झाड़ियों वाले इलाके में गई थीं। एक घंटे से अधिक समय तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 10:45 बजे वह खून से लथपथ मृत अवस्था में मिलीं। जांच अधिकारी के अनुसार, महिला की दाहिनी जांघ पर काटने के निशान मिले हैं, जो जंगली सूअर के हमले जैसे प्रतीत होते हैं। हालांकि, चोटों के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।
पारादीप तट पर फंसे टैंकर के चालक दल को स्वदेश भेजने का निर्देश
ओडिशा हाईकोर्ट ने मई से पारादीप तट के पास लावारिस पड़े विदेशी तेल टैंकर एमटी यूनिटी के चालक दल को जहाज से उतारकर तीन सप्ताह के भीतर उनके देशों में वापस भेजने का निर्देश केंद्र और संबंधित अधिकारियों को दिया है। न्यायमूर्ति आरके पटनायक ने छह अक्टूबर को जहाज के रूसी कप्तान इस्त्यागिन एवगेनी निकोलायेविच की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत के अनुसार, जहाज मालिक ने वेतन नहीं दिया, भोजन की व्यवस्था नहीं की और चालक दल की वापसी के लिए कदम नहीं उठाए। कैमरून के झंडे वाले इस टैंकर पर कप्तान समेत 23 नाविक सवार हैं, जिनमें 20 रूसी, दो मिस्र और एक कजाखस्तान का नागरिक है। चालक दल ने मई से वेतन नहीं मिलने और जरूरी सामान की कमी की शिकायत की थी। अदालत ने नए चालक दल की तैनाती और खर्च जिम्मेदार पक्षों से वसूलने का भी निर्देश दिया। टैंकर फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
असम कैबिनेट ने पीएम मोदी के की सराहना में पारित किए 75 प्रस्ताव
असम कैबिनेट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर राज्य और पूर्वोत्तर के विकास के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए 75 प्रस्ताव पारित किए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई 90 मिनट की विशेष बैठक में शांति, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और उद्योग के विकास पर चर्चा हुई। सरमा ने कहा कि शांति ने विकास की राह खोली, बेहतर संपर्क ने अवसर बढ़ाए और निवेश ने आर्थिक संभावनाओं को मजबूत किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद गरीबी कम करने, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कैबिनेट ने आयुष्मान भारत, जन औषधि केंद्र और स्वच्छ भारत अभियान जैसी पहलों की भी सराहना की। सरमा के अनुसार, असम अब पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार और निवेश के लिए तैयार राज्य बनकर उभर रहा है तथा विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
'राहुल गांधी और उनके विदेशी सहयोगी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं'
भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके विदेशी सहयोगी भारत में अराजकता फैलाना चाहते हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय हितों के रक्षक हैं। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की कोशिश में कांग्रेस नेता राष्ट्रीय हितों के खिलाफ खड़े होते हैं। भंडारी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी निशाना साधा और कहा कि अराजकता फैलाने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी। इससे पहले कांग्रेस ने भारतीय आईटी पेशेवरों को प्रभावित करने वाली अमेरिकी सरकार की कार्रवाई को लेकर केंद्र पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी दबाव में हैं और भारत के पास जवाबी कदम उठाने के विकल्प होने के बावजूद सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले भारी सुरक्षा तैनाती को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
27 लाख रुपये देकर सरकारी नौकरी पाने का दावा
गोवा में 27 लाख रुपये देकर सरकारी नौकरी हासिल करने का कथित दावा करने वाले एक व्यक्ति को आबकारी विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचने और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त की कुर्सी पर बैठने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मनोज तालेकर गुरुवार को विभाग के कार्यालय पहुंचा और दावा किया कि निवर्तमान अधिकारी अस्विन चंद्रू के तबादले के बाद उसे इस पद पर नियुक्त किया गया है। विभागीय कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पुष्टि की तो उसके नाम पर कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने का पता चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पणजी पुलिस ने तालेकर के खिलाफ दूसरे व्यक्ति का रूप धारण करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि अजीत शंखवलकर ने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 27 लाख रुपये लिए और नियुक्ति पत्र सौंपा। पुलिस आरोपी शंखवलकर की तलाश कर रही है।
इम्फाल में आरएएफ चौकी पर ग्रेनेड हमला, हेड कांस्टेबल घायल
मणिपुर की राजधानी इम्फाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की चौकी पर ग्रेनेड हमले में एक हेड कांस्टेबल मामूली रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे इम्फाल पूर्वी जिले के पोरोमपत थाना क्षेत्र के न्यू लाम्बुलेन स्थित आरएएफ चौकी के प्रवेश द्वार पर हुई। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हेड कांस्टेबल धनंजय राय उस समय घायल हो गए, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने चौकी के गेट पर ग्रेनेड फेंका, जिससे विस्फोट हो गया। घायल जवान को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। किसी भी उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, 27 आईईडी निष्क्रिय
मणिपुर के कामजोंग जिले में सुरक्षा बलों ने आठ किलोमीटर के दायरे में लगाए गए 27 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर निष्क्रिय कर दिए। रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारतीय सेना और असम राइफल्स की बम निरोधक टीमों ने चार से सात अक्टूबर के बीच शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर यह अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित दुर्गम पिलोंग गांव के नजदीक पहाड़ी रास्ते पर झाड़ियों में विस्फोटक छिपाकर रखे गए थे। अभियान के दौरान विस्फोटकों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई। असम राइफल्स ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से शांति और सुरक्षा बिगाड़ने की कोशिश नाकाम हुई तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई। गौरतलब है कि 24 सितंबर को पिलोंग गांव के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने चार तांगखुल नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
कर्नाटक में 45 आइसक्रीम इकाइयों की जांच
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में 45 आइसक्रीम निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर एक्सपायरी खाद्य उत्पाद जब्त किए और जांच के लिए 70 नमूने एकत्र किए। विभाग ने शुक्रवार को बताया कि यह विशेष अभियान आठ अक्टूबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत चलाया गया। नमूनों में आइसक्रीम, दूध, मिल्क पाउडर, फ्लेवर, चीनी और अन्य कच्चे पदार्थ शामिल हैं। बंगलूरू के जयनगर स्थित सवारा आइसक्रीम कैफे और बिलेकेहल्ली की एमएन एंटरप्राइजेज से एक्सपायरी उत्पाद जब्त किए गए। रायचूर की जेमिनी आइसक्रीम निर्माण इकाई में अस्वच्छता मिलने पर नोटिस जारी किया गया। मैसूरु की जॉन कैंडी इकाई से लेबलिंग संबंधी खामियों के कारण 20 हजार रुपये की आइसक्रीम जब्त की गई। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और जांच अभियान जारी रखने की बात कही।
नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में ऑटो चालक की उम्रकैद बरकरार
केरल हाईकोर्ट ने 2012-13 में एक नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के मामले में 55 वर्षीय ऑटो चालक को सुनाई गई उम्रकैद की सजा और दोषसिद्धि बरकरार रखी है। आरोपी बच्ची को स्कूल लाने-ले जाने का काम करता था। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति केवी जयकुमार की पीठ ने अपील पर सुनवाई जारी रखी, जबकि मामले के लंबित रहने के दौरान आरोपी की मृत्यु हो गई थी। अदालत ने उसकी अपील खारिज करते हुए कहा कि घटना के समय चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची की गवाही सुसंगत और लगातार एक जैसी रही। पीठ के अनुसार, गवाही में बताई गई कथित विसंगतियां अभियोजन के मूल मामले को प्रभावित नहीं करतीं। अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने बच्ची के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का आकलन करने के बाद उचित निष्कर्ष निकाला था। हाईकोर्ट को दोषसिद्धि और सजा में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिला। मामला कारावास और जुर्माने की संयुक्त सजा से जुड़ा होने के कारण आरोपी की मृत्यु के बाद भी अपील पर सुनवाई की गई।