कर्नाटक कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी टीके अनिल कुमार ने शिक्षा मंत्रालय अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव का पदभार संभाल लिया है। वह इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे थे। शिक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अनिल अपने साथ लंबा प्रशासनिक अनुभव लेकर आए हैं। इससे पहले नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बीच शुक्रवार को नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है। जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग में सचिव पद पर किया गया है।
हिंसा नहीं, संवाद से निकलता है हल: अन्ना हजारे
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक संवाद से ही हो सकता है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सीजेपी की ओर से आंदोलन समाप्त किए जाने पर अन्ना ने कहा, हिंसा कभी समाधान नहीं होती। मैंने 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। उसी का नतीजा था कि 10 कानून बने। सरकारों को जनता की आवाज सुननी चाहिए और हमेशा जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। बातचीत से ही रास्ता निकलता है, जबकि तनाव और हिंसा से कोई समस्या हल नहीं होती।
सभी युवाओं को कभी कॉकरोच नहीं कहा: सीजेई सूर्यकांत
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने अपनी कॉकरोच वाली टिप्पणी पर फिर सफाई दी है। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने युवाओं को कभी कॉकरोच नहीं कहा। मीडिया में उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। सीजेआई ने शुक्रवार को यहां एक कार्यक्रम में इस बारे में पूछे गए सवाल पर यह सफाई दी। उन्होंने कहा, मेरी टिप्पणी उन वकीलों के बारे में थी, जो फर्जी डिग्री के आधार पर पिछले दरवाजे से वकालत के पेशे में आए हैं। चर्चा इस बात पर हो रही थी कि फर्जी लॉ डिग्री के मामले को कैसे खत्म किया जाए, सिस्टम को कैसे साफ किया जाए। उसी संदर्भ में मैंने यह बात कही थी। उन्होंने कहा कि जब भी वह कभी बाहर जाते हैं या यात्रा करते हैं तो युवा उनसे मिलते आते हैं। उन्हें देश के युवाओं से ताकत मिलती है। अगर देश के युवाओं की कोई शिकायत है जिसका वे न्यायिक मंच के जरिये समाधान चाहते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं। बता दें कि 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान कॉकरोच वाली टिप्पणी की थी। इसके बाद ही अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी बनाई थी।
आंध्र प्रदेश में एसआईआर: 15 लाख से अधिक मृत और 14 लाख से ज्यादा स्थानांतरित मतदाता मिले
आंध्र प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब तक 15.2 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की गई है। 14.4 लाख मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। 7.3 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो दो जगहों पर दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विवेक यादव ने शनिवार को बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के घर-घर जाकर किए गए सर्वे के बाद कुल 4.16 करोड़ मतदाताओं में से 3.7 करोड़ (89%) के गणना फॉर्म (ईएफ) प्राप्त हो चुके हैं। जनता 31 जुलाई से 30 अगस्त तक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकती है।
पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले में एफआईआर, सोशल मीडिया लिंक हटाए गए
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो से जुड़े सोशल मीडिया के कई लिंक हटा दिए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, गोयल ने आरोप लगाया कि संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के उनके वीडियो के साथ दुर्भावनापूर्ण तरीके से छेड़छाड़ कर उसे भ्रामक रूप दिया गया है। इस मामले में उन्होंने एफआईआर भी दर्ज कराई है।
सोशल मीडिया पर आए कथित डीपफेक वीडियो में गोयल को नीट के मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ धमकी भरी टिप्पणी करते दिखाया गया। गोयल ने शनिवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, जनता को गुमराह करने के लिए कृत्रिम मेधा का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और न ही किया जाएगा।
पुरी में रथ खींचते समय दम घुटा, श्रद्धालु की मौत
ओडिशा के पुरी में शुक्रवार को भगवान की वापसी की रथयात्रा के दौरान देवी सुभद्रा का रथ खींचते समय दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मृतक की पहचान कटक के रहने वाले अभिराम दास (57) के रूप में हुई है। रथयात्रा के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बगला धर्मशाला के पास रथ खींचते समय वह अचानक गिर पड़े और उन्हें तुरंत पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य सेवा निदेशक महेश मोहन पांडा ने बताया कि मृतक को उच्च रक्तचाप की बीमारी थी और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में लगभग 100 लोगों को लाया गया था। उन्होंने घबराहट और बेचैनी की शिकायत की थी और उनमें से अधिकांश को प्राथमिक उपचार व कुछ देर आराम के बाद छुट्टी दे दी गई।
नशे में धुत कांस्टेबल ने अस्पताल में की तोड़फोड़, नर्स से विवाद
तमिलनाडु के कोडाइकनाल में 23 जुलाई की देर रात एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस कांस्टेबल ने नर्स से विवाद के बाद सरकारी अस्पताल में तोड़फोड़ की। नशे में धुत कांस्टेबल थंगापांडी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा। ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने कथित तौर पर उसे इलाज देने से मना किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। नाराज कांस्टेबल ने अस्पताल परिसर में मेज, वाटर डिस्पेंसर, मरीज के रिकॉर्ड और एक दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उसे शांत किया और वहां से ले गए। तोड़फोड़ का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिससे मरीजों और जनता में डर फैल गया है। स्थानीय लोगों ने नर्सों के अभद्र व्यवहार और कांस्टेबल की हिंसा पर सख्त कार्रवाई की अपील की है।