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न्यूज डायरी: अजमेर में 2 करोड़ के आभूषण की लूट, छह गिरफ्तार; गुजरात में मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा

Sat, 10 Oct 2026 02:06 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के अजमेर जिले में आयकर अधिकारी बनकर आए सात बदमाशों ने एक व्यवसायी के घर से करीब 2 करोड़ रुपये के आभूषण लूटे। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात नसीराबाद सदर पुलिस थाना क्षेत्र के दिलवाड़ा बाईपास स्थित महेश विहार कॉलोनी में हुई। बदमाशों ने शुक्रवार को व्यवसायी अनिल माहेश्वरी के घर में आयकर अधिकारी बनकर प्रवेश किया, जहां उनके परिजन, बेटे कार्तिक और एक घरेलू सहायक मौजूद थे। बदमाशों ने लॉकर से चार जोड़ी सोने की चूड़ियां, एक जोड़ी सोने के कंगन, एक सोने का हार और तीन मोबाइल फोन लूट लिए। यह पूरी वारदात लगभग 13 मिनट में हुई। बदमाशों के जाने पर कार्तिक ने उनका पीछा किया, लेकिन वे तेजी से भाग निकले। सूचना पर थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी ने सीसीटीवी फुटेज जांच कर नाकाबंदी की, फिर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम देवेंद्र, संजय रावत, रविकांत उर्फ रवि, अमित, तारू और देवा उर्फ देवेंद्र सिंह रावत बताए। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और अन्य आपराधिक मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

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गुजरात में आठ साल की मासूम की हत्या पर कोर्ट सख्त: जज बोले- मामला दुर्लभतम, दोषी को फांसी की सजा
गुजरात के जामनगर जिले की एक स्पेशल पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) कोर्ट ने एक व्यक्ति को आठ साल की बच्ची की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई है। बच्ची के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया था, जिसमें पिछले साल माचिस की तीलियों से जलाना और लोहे के मूसल से बार-बार हमला करना शामिल था।  ट्रायल के दौरान पेश किए गए सबूतों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले को 'दुर्लभतम मामलों में से एक' माना। जामनगर जिले के सिक्का का रहने वाला आरोपी नितिन माणेक हत्या का दोषी पाया गया और उसे मौत की सजा सुनाई गई। अधिकारियों के मुताबिक, उसे पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। यह घटना 2025 में सिक्का में हुई थी। शुरू में अपराध का पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में माणेक की पहचान आरोपी के तौर पर हुई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और दस्तावेज़ी सबूत इकट्ठा किए और घटना के 35 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।

ट्रायल के दौरान, सरकारी वकील ने 23 गवाहों से पूछताछ की और पॉक्सो कोर्ट के सामने लगभग 95 दस्तावेजी सबूत पेश किए। सबूतों और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई, साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत अतिरिक्त सजा भी दी। फैसले के बाद डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने पुलिस टीम और न्यायपालिका को बधाई दी। अधिकारियों ने कहा, 'मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है।' यह फैसला एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले की जांच और अभियोजन के बाद आया है, जिसमें घटना के कुछ ही दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।

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पूर्व आईपीएस ने केंद्र को पत्र लिख की ध्रुव के खिलाफ जांच की मांग
बंगलूरू के पूर्व पुलिस कमिश्नर और पूर्व आईपीएस अधिकारी भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, पासपोर्ट और वीजा की शर्तों की जांच करने की मांग की है। ध्रुव राठी आठ अक्तूबर को बंगलूरू में 'कॉकरोच जनता पार्टी' विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। भास्कर का कहना है कि ध्रुव के पास जर्मनी की नागरिकता है तो वे किस वीजा या अनुमति के तहत भारत आए हैं? क्या भारत के वीजा और इमिग्रेशन नियमों के तहत किसी विदेशी नागरिक को भारत में आकर इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने या भाषण देने की अनुमति है? क्या भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ जनता को लामबंद करना 'फॉरेनर्स एक्ट, 1946' का उल्लंघन नहीं है।
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