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Updates: कोलकाता में सरकारी अस्पताल के शौचालय में मृत मिलीं नर्स, ओडिशा में भ्रष्टाचारी सरकारी डॉक्टर नपे

Thu, 13 Aug 2026 05:56 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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कोलकाता के राजकीय एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शौचालय में एक नर्स मृत पाई गई, जिससे सनसनी फैल गई। वह बुधवार रात अस्पताल की विशेष निगरानी इकाई में ड्यूटी पर थी। मृतका की पहचान रूपाली दास (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए एक अलग टीम बनाई है।

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शुरुआती जांच से पता चला है कि वह रात करीब 8 बजे ड्यूटी पर आई थी। रात करीब 10.30 बजे स्त्री रोग विभाग भवन में एंटीनेटल वार्ड के पास बने स्टाफ वॉशरूम में गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, जब वह कुछ देर तक वापस नहीं लौटी तो उसके साथी उसे देखने गए और पाया कि वॉशरूम का दरवाजा बंद था। कई बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर, उनमें से दो लोगों ने दरवाजा तोड़ा और उसे फर्श पर बेहोश पड़ा पाया। उन्होंने बताया कि नर्स की जांच के लिए एक डॉक्टर को बुलाया गया और बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया।


ओडिशा में भ्रष्टाचारी सरकारी डॉक्टर नपे
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार (12 अगस्त, 2026) को एक डॉक्टर को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, गुरुंडिया सीएचसी, सुंदरगढ़ के पूर्व चिकित्सा अधिकारी पतितपाबन बारिक को भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया गए था। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति जानी जीरो टॉलरेंस का संकल्प दोहराते हुए ऐसे अन्य मामलों में सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं।
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दुष्कर्म के आरोपी तेजपाल की बेटी बोलीं- 'पिता समान' और 'बचपन की दोस्त' जैसे दावे गलत
पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल की बेटी कारा ने अपने पिता पर लगे दुष्कर्म मामले की शिकायतकर्ता को 'बचपन की दोस्त' और 'पिता समान' मानने के दावे को 'पूर्ण असत्य' बताया है। उन्होंने बुधवार को एक बयान में कहा कि यह बात गलत है कि वे करीबी दोस्त या पारिवारिक मित्र थे। कारा ने दावा किया कि शिकायतकर्ता उनसे और उनकी बड़ी बहन से भी बड़ी है। कारा ने कहा कि उन्हें वयस्क होने तक शिकायतकर्ता के अस्तित्व के बारे में पता नहीं था। 'पिता समान' वाली बात की जांच म्हापसा की सेशंस कोर्ट में सुनवाई के दौरान की गई थी। Tehelka पत्रिका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तेजपाल को नवंबर 2013 में गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी एक जूनियर पत्रकार द्वारा गोवा के एक लग्जरी होटल में यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद हुई थी। यह घटना पत्रिका के वार्षिक ThinkFest कार्यक्रम के दौरान हुई थी। 2021 में सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहा।

हाई कोर्ट का फैसला क्या, आगे की चुनौती कैसे?
राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच में इस फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह बरी करने के फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। तेजपाल ने इस आदेश को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

विकास सिंह बोले- न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर आरोप साबित, महाभियोग की कार्रवाई हो
संसद की एक समिति ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर 'घर पर नकदी' मामले में तीनों आरोप सही पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने इस पर अपनी राय दी है। सिंह ने कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है, जो उचित है। संविधान के तहत इस्तीफा राष्ट्रपति की स्वीकृति से ही प्रभावी होता है। यदि वह अभी भी न्यायाधीश हैं, तो उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह रिपोर्ट संसद में चर्चा और मतदान के लिए रखी जा सकती है। इस्तीफा स्वीकृति पर उन्हें पेंशन का अधिकार मिल जाएगा। महाभियोग की कार्रवाई होने पर वह पेंशन का अधिकार पूरी तरह खो देंगे। दोषी न्यायाधीश को पेंशन देना न्याय का उपहास होगा। सिंह ने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव को तार्किक अंत तक ले जाकर उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
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पाकिस्तान और आईएसआईएस से कथित संबंधों के आरोप में दो गिरफ्तार, यूपी एटीएस ने दबोचा
उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने कलबुर्गी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में गुरुवार को कलबुर्गी जिले से दो लोगों को पाकिस्तान और आतंकी संगठन आईएसआईएस से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मोहम्मद समीर और सलमान के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वे जिले में एक गोमांस निर्यात कारखाने में काम करते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों कथित तौर पर व्हाट्सएप कॉल और फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तान की अंतर-सेवा खुफिया (आईएसआई) और आईएसआईएस के साथ नियमित संपर्क में थे। संदिग्धों को अंतर-राज्यीय सोशल मीडिया निगरानी अभियान के तहत हिरासत में लिया गया, जिसके दौरान कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए उनके खातों पर नजर रखी गई।

निगरानी के बाद, उत्तर प्रदेश एटीएस और कलबुर्गी पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया और दोनों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों को एटीएस द्वारा पूछताछ के लिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। कलबुर्गी विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि पूछताछ के बाद और अधिक जानकारी सामने आएगी। यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा कर्नाटक के तुमकुरु और दावनगेरे जिलों से दो अन्य संदिग्धों को पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लेने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

जून 2026 में, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय प्रवासी श्रमिक सुहैल को दावनगेरे जिले में स्थानीय पुलिस, खुफिया अधिकारियों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से मिली सूचनाओं के आधार पर चलाए गए एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। उस पर ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े होने और पाकिस्तान स्थित संचालकों से संपर्क करने का आरोप था।

यह गिरफ्तारी जून 2026 में तुमकुरु और दावनगेरे में सीमा पार सोशल मीडिया संदेशों से संबंधित पहले की गिरफ्तारियों से मिली जानकारी के आधार पर हुई। सुहैल एक कारखाने में पेंटर का काम करता था। जांच में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप लिंक, पाकिस्तान स्थित संपर्क और ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का संकेत देने वाला डिजिटल डेटा मिला।
 
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