अरुणाचल प्रदेश के राजभवन में मनाया गया एकता दिवस।
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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में शुक्रवार को को ईटानगर स्थित राजभवन में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ने स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में बांधा। राज्यपाल ने राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया।
इस मौके पर राज्यपाल परनाइक ने कहा, सरदार पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि दृढ़ निश्चय, ईमानदारी और समर्पण से परिवर्तन संभव है। उन्होंने शक्ति (शक्ति) और विश्वास (विश्वास) का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, यही गुण थे जिन्होंने विविधताओं से भरे इस देश को एक महान राष्ट्र में बदला। राज्यपाल ने याद दिलाया कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के कारण ही मेजर बॉब रालेंगनाओ खाथिंग ने तवांग और अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया, जिससे राष्ट्र की सीमाएं और एकता मजबूत हुईं।
राज्यपाल ने कहा कि आज के युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर नैतिकता, साहस और स्पष्टता के साथ नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में आज नैतिक मूल्यों की परीक्षा हो रही है, वहां पटेल की विचारधारा और भी प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नेशन फर्स्ट’ के भाव को जीवन में उतारें।
राज्यपाल ने कहा, सरदार पटेल की भावना और प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरित होकर हमें एक मजबूत, संगठित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल परनाइक ने अंत में सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना हर नागरिक के हृदय में जीवित रहनी चाहिए।