भड़काऊ भाषण देने के चलते विवादों में आए इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इंटरपोल को अहम जानकारी दी है। ऑनलाइन रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने नाइक को एक टेरर सस्पेक्ट बताया है।
इससे पहले भी एनआईए ने इंटरपोल को बताया था कि नाइक के खिलाफ ऐसे सबूत हैं, जिनसे साबित होता है कि वे भारत में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। एनआईए के मुताबिक नाइक को कई बार वॉरंट भेजा गया इसके बावजूद वे उनके सामने पेश नहीं हुए।
इससे पहले जाकिर नाइक ने एनआईए पर आरोप लगाया था कि मुसलमान होने के कारण उनके साथ ऐसा किया जा रहा है। बता दें कि जाकिर नाइक आतंकवाद को बढ़ावा देने और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी हैं।
एनआईए ने इंटरपोल से जाकिर नाइक को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को कहा था। गौरतलब है कि जाकिर नाइक एनआईए के नजर में जुलाई 2016 में ढ़ाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद आया। जिसमें आतंकियों ने कहा था कि उन्होंने जाकिर नाइक के भाषण से प्रेरित होकर यह हमला किया है।
नाइक ने इंटरपोल को अपने जवाब में कहा कि भारतीय जांच एजेंसी उन्हें केवल इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि वह मुस्लिम है। उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण जिहाद को बढ़ावा देने वाले नहीं हैं। उनके भाषण केवल शांति के लिए हैं।
बांग्लादेश में कुछ आतंकियों ने नाइक के उपदेशों से प्रेरित होकर जिहाद का रास्ता अपनाने की बात कही थी। जिसके बाद नाइक 1 जुलाई 2016 को भारत से फरार हो गया था। एनआईए ने 11 मई को इंटरपोल और सीबीआई को पत्र लिखकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कहा था।