तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता और टीएमसी का प्रभुत्व बंगाल में बेजोड़ है और राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कोई मुकाबला नहीं है। सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा जब बंगाल की प्रतिष्ठा की बात आती है, तो जनता एकजुट रहती है और जानती है कि ममता बनर्जी बंगाल की मां, बहन और बेटी हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे पहला 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल। दोनों चरणों की मतगणना 4 मई को होगी। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटें शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटें।
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सिक्किम में भूकंप के हल्के झटके, जान-माल का कोई नुकसान नहीं
सिक्किम में शनिवार रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) ने बताया कि इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र मंगन जिले में जमीन से 14 किलोमीटर नीचे था। यह झटके रात करीब 8 बजकर 41 मिनट पर आए। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, झटके महसूस होने के बाद लोग कुछ समय के लिए डर गए थे। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
एटीएफ की कीमतों में वृद्धि का असर 1 अप्रैल से दिखेगा-राम मोहन नायडू
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की बढ़ी हुई कीमतों का असर 1 अप्रैल से दिख सकता है। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा एटीएफ की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय की जाती हैं। इसका असर संभवतः 1 अप्रैल से नजर आएगा।
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उन्होंने यह भी जोर दिया कि सुरक्षा और सुचारू संचालन प्राथमिकता है और मंत्रालय एयरलाइंस से फीडबैक ले रहा है। नायडू ने कहा कि मंत्रालय, विदेश विभाग और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि वृद्धि का असर संचालन या यात्रियों पर न पड़े।
आंध्र प्रदेश में दूध में मिलावट के मामले में मृतकों की संख्या 16 हुई
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। जबकि राजामहेंद्रवरम के अस्पतालों में अभी 3 लोगों का इलाज चल रहा है। यह मामला फरवरी के बीच में शुरू हुआ था। मामले में लालचेरुवु इलाके में दूध पीने के बाद लोगों को उल्टियां, पेट दर्द और किडनी की गंभीर समस्या होने लगी थी। लैब की जांच में पता चला कि दूध में इथिलीन ग्लाइकॉल नाम का जहरीला पदार्थ था। इसकी वजह से लोगों की किडनी और शरीर के दूसरे अंगों ने काम करना बंद कर दिया। यह दूध कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव की एक डेयरी से 100 से ज्यादा परिवारों को भेजा गया था। प्रशासन ने तुरंत इस डेयरी से दूध की सप्लाई रुकवा दी है।
16 फरवरी से 21 मार्च के बीच कुल 20 लोग अस्पताल में भर्ती हुए। इनमें से 16 की मौत हो गई, जबकि एक मरीज ठीक होकर घर जा चुका है। मृतको में बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए हैं और 300 से ज्यादा लोगों का घर-घर जाकर सर्वे किया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दूध बेचने वाले को हिरासत में ले लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध, दही, घी और पनीर के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। हैदराबाद से आए विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की देखरेख कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
जनसेना विधायक से 12 लाख की साइबर ठगी
आंध्र प्रदेश के पोलावरम क्षेत्र से जनसेना पार्टी के विधायक सी. बालराजू साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगों ने उन्हें फर्जी आरटीए (रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) चालान के नाम पर एक लिंक भेजा, जिसमें एक खतरनाक एपीके फाइल थी। विधायक ने अनजाने में इस फाइल को डाउनलोड और ओपन कर लिया, जिसके बाद उनके बैंक खाते से करीब 12 लाख रुपये निकाल लिए गए।
यह घटना 6 मार्च को हुई थी। पैसे कटने का पता चलने के बाद विधायक ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में 21 मार्च को यह मामला स्थानीय पुलिस स्टेशन को जांच के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि निकाली गई रकम पश्चिम बंगाल के एक एटीएम से निकाली गई है। इससे अंदेशा है कि इस ठगी के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसके अंतरराष्ट्रीय संबंध भी हो सकते हैं।
भारत के लिए माैजूदा वक्त में कॉलेजियम प्रणाली उपयुक्त
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई ने रविवार को कहा कि मौजूदा समय में भारत के लिए कॉलेजियम प्रणाली ही उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रणाली पूरी तरह दोषरहित नहीं होती और हर प्रणाली के अपने फायदे और नुकसान होते हैं, लेकिन वर्तमान समय में यह व्यवस्था देश के लिए बेहतर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि कोलेजियम मनमाने तरीके से काम नहीं करता। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और दो वरिष्ठ जजों की ओर से नामों की सिफारिश की जाती है, जिसके बाद यह केंद्र के पास भेजे जाते हैं। सरकार, खुफिया विभाग और अन्य स्रोतों से इनपुट लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम अंतिम निर्णय लेता है। जस्टिस गवई ने कहा कि अगर सरकार को किसी नाम पर आपत्ति होती है तो उसे कोलेजियम के पास भेजा जाता है और विचार के बाद अंतिम फैसला लिया जाता है।
संसदीय समिति ने मांगा लोकपाल की जांच व अभियोजन इकाई की सक्रियता का ब्योरा
संसद की एक समिति ने लोकपाल की जांच व अभियोजन शाखाओं को पूरी तरह सक्रिय बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण मांगा है। भ्रष्टाचार-रोधी लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 एक जनवरी 2014 को लागू हुआ था। लेकिन अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के बाद इसने 27 मार्च 2019 से काम करना शुरू किया। लोकपाल को वैधानिक कार्यों के निर्वहन के लिए अधिनियम की धारा 11 के तहत जांच निदेशक के नेतृत्व में जांच शाखा गठित करने का अधिकार है। लोकपाल अधिनियम में लोकसेवकों के खिलाफ मामलों में अभियोजन चलाने के लिए निदेशक (अभियोजन) के नेतृत्व में एक अभियोजन शाखा गठित करने का भी प्रावधान है। कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय विभाग की स्थायी संसदीय समिति ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि निदेशक (जांच) की नियुक्ति और स्वीकृत संरचना के अनुसार जांच शाखा में स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है।
डिजिटल अरेस्ट कर कारोबारी से 15 करोड़ ठगे
कर्नाटक के एक 81 वर्षीय कारोबारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर करीब छह सप्ताह तक कारोबारी को लगातार फोन और वीडियो कॉल किए। उन्होंने उस पर वित्तीय अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया। ठगों ने कहा कि कारोबारी को 25 लाख रुपये की धनशोधन गतिविधि में 5 लाख रुपये का कमीशन मिला है और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज है। इसके बाद उन्होंने धनशोधन मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी।
असम में कमांडो कैंप पर उग्रवादी हमला, 4 जवान घायल
असम के तिनसुकिया जिले में रविवार तड़के पुलिस कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया, जिसमें चार सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब राज्य में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) ने ली है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह हमला तिनसुकिया के जागुन इलाके में करीब 2.30 बजे हुआ। उग्रवादियों ने कैंप पर रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) से कई गोले दागे, जिनमें से पांच गोले फट गए। इसके बाद कैंप में तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिससे कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी हुई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस हमले को सात उग्रवादियों के एक समूह ने अंजाम दिया, जो घटना के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर अरुणाचल प्रदेश की सीमा की ओर भाग निकले। हमले में घायल चारों जवानों को डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के अधीक्षक ध्रुवज्योति भुइयां के अनुसार सभी घायल जवानों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।