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News Updates: रवि मित्तल की पीएमओ में एंट्री, उप सचिव पद पर नियुक्ति; सूरत में सिलिंडर फटने से दो की मौत

Thu, 19 Mar 2026 08:34 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद हुई है और चार साल की अवधि या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। डॉ. मित्तल ने एमबीबीएस के बाद यूपीएससी 2015 में 61वीं रैंक हासिल की थी। वे महासमुंद, रायगढ़ और रायपुर में सीईओ तथा जशपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। हाल ही में वे जनसंपर्क आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति केंद्र में युवा अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
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ओडिशा कांग्रेस ने दो विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) ने विधानसभा अध्यक्ष से अपने दो विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। इन विधायकों के नाम सोफिया फिरदौस और दशरथी गमांगो हैं। पार्टी ने इन पर संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इन दोनों विधायकों पर राज्यसभा चुनाव में पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप है। इन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को वोट देने के बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का साथ दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार शाम विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक याचिका सौंपी।

पार्टी का कहना है कि इन विधायकों ने न केवल क्रॉस-वोटिंग की, बल्कि कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद भी पार्टी नेतृत्व की खुलेआम आलोचना की। सोफिया फिरदौस पर अपने पिता मोहम्मद मुकीम के साथ मिलकर नया राजनीतिक मंच बनाने का भी आरोप है। कांग्रेस ने गमांगो, फिरदौस और रमेश जेना को पहले ही निलंबित कर दिया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इन तीनों विधायकों के बैठने की व्यवस्था बदलने का भी अनुरोध किया है। उनका कहना है कि निलंबन के बाद ये अब सदन में कांग्रेस विधायक दल का हिस्सा नहीं हैं।
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सूरत की एक बिल्डिंग में आग लगने से सिलेंडर फटा, दो की मौत
गुजरात के सूरत शहर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। कपोदरा इलाके के भरतनगर में स्थित एक इमारत में भीषण आग लग गई। इस इमारत में एम्ब्रॉयडरी (कढ़ाई) का काम होता था। आग लगने के बाद वहां रखे गैस सिलेंडरों में धमाके हुए। इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई और नौ लोग झुलस गए। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 5:30 बजे रचना सर्कल के पास हुई। इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लगी थी। वहां कुल आठ गैस सिलेंडर रखे थे, जिनमें से दो में जोरदार धमाका हुआ। धमाके की वजह से आग और तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही चार दमकल केंद्रों से गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल की छत पर लगी चादर को तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसमें से कुल 11 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से दो की मौत हो चुकी थी, जबकि नौ घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। घायलों को मामूली और मध्यम चोटें आई हैं।
पीटर मुखर्जी, जो इंद्राणी के पूर्व पति हैं, भी इस मामले में सह-आरोपी हैं।

नौसेना का आईओएस सागर मिशन शुरू
हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच समुद्री सुरक्षा व सहयोग मजबूत बनाने के लिए नौसेना ने इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर पहल के दूसरे संस्करण की शुरुआत कर दी है। इस पहल में हिंद महासागर क्षेत्र के 16 सदस्य देश भाग लेंगे। आईओएस सागर पहल कार्यक्रम की शुरुआत कोच्चि स्थित नौसैनिक प्रशिक्षण संस्थानों में पेशेवर प्रशिक्षण सत्रों से की गई। यहां प्रतिभागी नौसैनिक संचालन, समुद्री कौशल और समुद्री सुरक्षा से जुड़े प्रमुख पहलुओं से अवगत कराए जाएंगे। यह पहल भारत की- क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा व विकास- नीति के अनुरूप है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय देशों के बीच भरोसा, तालमेल और व्यावहारिक सहयोग मजबूत करना है।

प्रमुख कार्यक्रम कोच्चि में प्रशिक्षण चरण के बाद सभी प्रतिभागी भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत पर सवार होकर समुद्र में संयुक्त गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। विभिन्न ऑपरेशनल अभ्यास करेंगे। यात्रा के दौरान यह पोत विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा करेगा। क्षेत्रीय नौसेनाओं व समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंध मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाएं साझा करना और समुद्री चुनौतियों के प्रति साझा समझ विकसित करना है। व्यापक भागीदारी पिछले साल इस मिशन में भारत के साथ हिंद महासागर क्षेत्र के 9 मित्र देश शामिल थे। जबकि इस बार 16 सदस्य देशों की भागीदारी हो रही है,जो कहीं अधिक व्यापक सहयोग दर्शाती है। इस साल का संस्करण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय नौसेना ने फरवरी 2026 में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता संभाली है।

हैदराबाद में चचेरी बहन की हत्या
हैदराबाद पुलिस ने बुधवार को बताया कि एक व्यक्ति ने संपत्ति के विवाद के चलते अपनी चचेरी बहन की हत्या कर दी और उसके शव के टुकड़े झील में फेंक दिए। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, 32 वर्षीय आरोपी ने पिछले महीने 40 वर्षीय महिला को संपत्ति विवाद के कारण लाठी से मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को पहले अपने घर के बाथरूम में रखा।

अगले दिन आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति की मदद से शव को झील तक ले गया, जहां उसने उसकी टांगों को आरी से काटकर शव के टुकड़े झील में फेंक दिए। पुलिस ने बताया कि आरोपी और मृतक महिला ने मिलकर एक संपत्ति खरीदी थी, लेकिन महिला ने अपनी हिस्सेदारी ट्रांसफर करने की मांग की, जिसे आरोपी स्वीकार नहीं कर सका। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपी के हवाले से कहा कि मृतक, एक विधवा, और आरोपी के बीच उस समय विवाद भी हुआ जब महिला की किसी अन्य व्यक्ति के साथ निकटता को लेकर आरोपी ने आपत्ति जताई थी। महिला के लापता होने के बाद उसकी खोजबीन में शव के टुकड़े झील से बरामद किए गए।

शीना बोरा हत्याकांड  में सुनवाई के लिए नौ माह का समय बढ़ाया
सुप्रीम कोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड में सुनवाई पूरी करने के लिए नौ महीने का अतिरिक्त समय देते हुए यह स्पष्ट किया है कि इसके बाद समय बढ़ाने का कोई और अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रेटर बंबई के नगर दीवानी एवं सत्र न्यायालय में सीबीआई के विशेष जज ने सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत को पत्र लिखा था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह ने की पीठ ने कहा, इस अपील पर विचार करते हुए, मुकदमा खत्म करने के लिए नौ महीने का अतिरिक्त समय दिया जाता है। हालांकि इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा और इस तरह की कोई भी याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। पीठ ने शीना बोरा की मां और इस मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति मांगने के लिए नया आवेदन दाखिल करने की छूट भी दे दी। मीडिया कारोबारी

डॉ. रवि मित्तल की पीएमओ में एंट्री, उप सचिव पद पर नियुक्ति
छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद हुई है और चार साल की अवधि या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। डॉ. मित्तल ने एमबीबीएस के बाद यूपीएससी 2015 में 61वीं रैंक हासिल की थी। वे महासमुंद, रायगढ़ और रायपुर में सीईओ तथा जशपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। हाल ही में वे जनसंपर्क आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति केंद्र में युवा अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

ऊर्जा संयंत्रों पर हमले चिंताजनक व अस्वीकार्य : भारत
नई दिल्ली। भारत ने पश्चिम एशिया में प्राकृतिक ऊर्जा क्षेत्रों और संयंत्रों पर हमलों के लेकर गंभीर चिंता जताई है। भारत ने कहा, हमले अस्वीकार्य हैं, इन्हें बंद किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने पहले भी पूरे क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों सहित नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल में हुए हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये पूरी दुनिया के लिए पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अधिक अस्थिर कर रहे हैं। ऐसे हमलों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति के लिए कई देशों से संपर्क
जायसवाल ने बताया, हम कई मुद्दों पर ईरान से संपर्क में हैं। ऊर्जा सुरक्षा संबंधी जरूरतें पूरा करने और ऊर्जा आपूर्ति का निर्बाध परिवहन की सुनिश्चितता के लिए सभी संबंधित देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। उर्वरक की उपलब्धता से जुड़े प्रश्न पर जायसवाल ने कहा, भारत के पास खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त भंडार है, इसलिए हम निश्चिंत हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए काफी पहले ही वैश्विक निविदाएं जारी कर दी थीं। उम्मीद है कि विभिन्न स्रोतों से उर्वरक की ज्यादातर खेप मार्च के अंत तक आ जाएगी।

ऊर्जा से जुड़ीं जानकारियां गोपनीयता के दायरे से बाहर
पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने ऊर्जा से जुड़ी जानकारियों को गोपनीयता के दायरे से बाहर कर दिया है। ऊर्जा डाटा को राष्ट्रीय सुरक्षा के रूप में वर्गीकृत करने से अब तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़ी सभी इकाइयों को उत्पादन से लेकर आयात तक की विस्तृत परिचालन जानकारी देना जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की रिफाइनरियों, एलएनजी आयातकों, पाइपलाइन संचालकों, शहरी गैस वितरकों और पेट्रो रसायन कंपनियों पर लागू होगा।  सरकार ने यह कदम गैस और एलपीजी आपूर्ति बाधित होने के बाद ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ने के बीच उठाया है। आदेश का मकसद आपूर्ति संबंधी बाधाओं पर त्वरित कदम उठाने, बिजली, उर्वरक और घरेलू एलपीजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देना है।

ईशा फाउंडेशन के खिलाफ मानहानि वाली सभी सामग्री हटाएं : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने तमिल पत्रिका नक्कीरन को सद्गुरु जग्गी वासुदेव की ईशा फाउंडेशन के खिलाफ प्रकाशित मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने मामले में फाउंडेशन को अंतरिम राहत देते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने नक्कीरन की उस अर्जी को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने मानहानि के केस को शुरुआती चरण में ही खारिज करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा, मामला आगे सुना जाएगा। यह विवाद 2024 में शुरू हुआ, जब ईशा फाउंडेशन ने हाईकोर्ट में मानहानि का केस दायर किया। फाउंडेशन का आरोप है, नक्कीरन और उसके संपादक ने ऐसे लेख और वीडियो प्रकाशित किए, जिनसे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा। इन रिपोर्टों में शोषण, ब्रेनवॉश और गैरकानूनी गतिविधियों जैसे गंभीर आरोप थे। फाउंडेशन ने सभी आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है। मामले में गूगल एलएलसी को भी पक्षकार बनाया गया है, क्योंकि संबंधित सामग्री गूगल सर्च और यूट्यूब पर उपलब्ध थी। फाउंडेशन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद इस तरह की सामग्री प्रकाशित की जाती रही है।

ऋण के इस्तेमाल पर नजर न रखना भी बैंककर्मी का दुराचरण : शीर्ष अदालत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंकर विश्वास करने की स्थिति में होते हैं क्योंकि वे जनता के पैसों का लेनदेन करते हैं। उनका अपनी शक्तियों से बाहर जाकर ऋण मंजूर करना या अंतिम उपयोग सुनिश्चित न करना वित्तीय जोखिम पैदा करता है। ऐसे किसी कर्मचारी या अधिकारी की ओर से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में की गई कोई भी कोताही चाहे वह लापरवाही या उदासीनता के कारण हो अथवा जानबूझकर की गई हो, दुराचरण मानी जाएगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऋण के इस्तेमाल पर नजर रखने से कई मकसद पूरे होते हैं। इनमें ऋण वसूली सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि ऋण का इस्तेमाल उस मकसद के अलावा किसी और उद्देश्य के लिए न किया जाए, जिसके लिए उसे मंजूर या जारी किया गया था। पीठ ने कहा  किसी भी संस्थान के प्रत्येक कर्मचारी से अच्छे आचरण और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है लेकिन इसकी आवश्यकता तब और भी अधिक हो जाती है, जब वह संस्थान ग्राहकों अथवा जमाकर्ताओं के धन का प्रबंधन करता हो।

हाईकोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने एक अपील पर यह फैसला सुनाया। यह अपील पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फरवरी 2023 के एक आदेश को चुनौती देने वाली थी। यह मामला एक बैंक कर्मचारी से जुड़ा है, जिसे ऋण बांटने में अनियमितता के आरोप में चार्जशीट दी गई थी। पीठ ने पाया कि कर्मचारी 30 सितंबर 2011 को सेवानिवृत्त हो गया था, लेकिन उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रही।

उद्योग की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत ‘उद्योग’ शब्द की परिभाषा के विवादास्पद मुद्दे पर अपना फैसला बृहस्पतिवार को सुरक्षित रख लिया। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने तीन दिन तक चली सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं। पीठ में सीजेआई के अलावा जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस उज्जन भुइयां, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं। पीठ ने श्रम संबंधों को नियंत्रित करने के लिए ‘उद्योग’ शब्द की व्यापक व्याख्या करने वाले सात जजों की पीठ के 1978 के फैसले की कानूनी वैधता की जांच पर सहमति जताई थी। 21 फरवरी, 1978 को, सात जजों की पीठ ने बंगलूरू जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की याचिका पर फैसला सुनाते हुए ‘उद्योग’ शब्द की परिभाषा पर फैसला सुनाया, जिससे अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, क्लबों और सरकारी कल्याण विभागों के लाखों कर्मचारी औद्योगिक विवाद (आईडी) अधिनियम, 1947 के संरक्षण में आ गए।

विक्रम दोराईस्वामी चीन में भारत के नए राजदूत  
चीन के साथ रिश्तों को सामान्य करने की लगातार कोशिशों के बीच केंद्र सरकार ने अनुभवी राजनयिक विक्रम दोराईस्वामी को बीजिंग में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है। 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी दोराईस्वामी फिलहाल ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त हैं और वे प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे। मंदारिन भाषा में उनकी पकड़ और चीन में पूर्व अनुभव को देखते हुए उनकी यह नियुक्ति भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विक्रम दोराईस्वामी दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर हैं। दोराईस्वामी को मई 1994 में हांगकांग में तृतीय सचिव के रूप में तैनात किया गया था। वहां उन्होंने न्यू एशिया येल-इन-एशिया भाषा स्कूल से चीनी भाषा में डिप्लोमा प्राप्त किया और सितंबर 1996 में चार साल के कार्यकाल के लिए बीजिंग चले गए। दोराईस्वामी प्रधानमंत्री के निजी सचिव भी रहे हैं। दोराईस्वामी ने न्यूयॉर्क में भारतीय स्थायी संयुक्त राष्ट्र मिशन और जोहान्सबर्ग में वाणिज्य दूतावास में भी अपनी सेवाएं दीं। 
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संसदीय समिति की सिफारिश- अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों के लिए अलग फंड आवंटित हो
रक्षा मामलों पर बनी संसद की स्थायी समिति ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सरकार से कहा है कि उभरती हुई सैन्य तकनीकों के लिए अलग से बजट आवंटित होना चाहिए। इन क्षेत्रों में शोध के लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि आधुनिक तकनीक भविष्य की रक्षा चुनौतियों के लिए अहम होगी। समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह भी कहा कि भारत को अपनी सैन्य शक्ति आधुनिक बनाए रखने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास के बजट में अगले पांच वर्षों में क्रमिक रूप से प्रभावी बढ़ोतरी करनी चाहिए। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) निजी उद्योगों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कलपुर्जों और प्रणालियों का विकास करे। बढ़ते ड्रोन खतरों से निपटने के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम पर जोर दिया है। साथ ही लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता वाली स्वदेशी ग्लाइड मिसाइल प्रणालियों के विकास को प्राथमिकता देने की अपील की गई।

विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने पर जोर
संसदीय समिति ने स्पष्ट किया कि विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने का एकमात्र रास्ता घरेलू अनुसंधान को मजबूत करना है। इसके लिए समिति ने रक्षा मंत्रालय को सलाह दी कि अनुसंधान संस्थानों को दी जाने वाली धनराशि की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि अहम परियोजनाओं में देरी न हो। यह रिपोर्ट वित्त वर्ष 2026-27 की रक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों और बजट प्रस्तावों की समीक्षा पर आधारित है।
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