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News Updates: 'ईमानदारी केंद्र सरकार की सोच से परे', बोले राहुल गांधी, कोटा पहुंचने का किया आह्वान

Tue, 16 Jun 2026 01:33 PM IST
Jyoti Bhaskar न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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देश की बड़ी खबरें - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में छात्र सम्मेलन से एक दिन पहले मंगलवार को आरोप लगाया कि जिम्मेदारी और ईमानदारी मोदी सरकार की सोच से परे हैं। उन्होंने युवाओं और जेन-जी से सम्मेलन में पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि देश की हर गली, हर कस्बे, हर शहर से उठती छात्रों की गूंज को कोटा में हुंकार बनाना है।

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राहुल गांधी नीट-यूजी, पेपर लीक, सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद और बेरोजगारी के विषयों को लेकर छात्र सम्मेलन करने जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत मंगलवार को कोटा से होगी। इसके बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली में छात्र सम्मेलनों का आयोजन होगा। इससे पहले, उन्होंने सोशल मीडिया में कहा, एक बात मेरे मन में साफ है और आप भी दिल में बैठा लीजिए, भारत के हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन वह हर दिन करोड़ों सपने तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि याद रखिए, युवा का भविष्य ही देश का भविष्य तय करेगा। विस्तार से यही बात बताने के लिए कोटा में छात्र सम्मेलन बुलाया है। उन्होंने कहा, आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सजा मिलती है। याद रखिए-जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज ऊंची करनी पड़ती है।  

कार्यक्रम के विरोध में भाजपा ने किया प्रदर्शन
भाजपा ने 21 जून को नीट के लिए फिर से होने वाली परीक्षा से ऐन पहले राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी बड़े एग्जाम से कुछ दिन पहले देश के कोचिंग हब में इस तरह का आयोजन करने से तैयारी कर रहे छात्रों का ध्यान भटक सकता है। भाजपा किसान मोर्चा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोटा में प्रदर्शन भी किया। भाजपा नेता राकेश नायक और अन्य प्रदर्शनकारी पूर्व पीएम राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए, उसे आईना दिखाया और सांकेतिक विरोध के तौर पर उसके पेडस्टल पर एक ज्ञापन भी चिपकाया।
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ओडिशा में नाबालिग का यौन उत्पीड़न
ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक 13 वर्षीय नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने इसे सामूहिक दुष्कर्म बताया है। हालांकि, मयूरभंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार गोछायत ने इसे यौन उत्पीड़न का मामला बताया। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म से इन्कार किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। यह मामला पॉक्सो और बीएनएस प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नाबालिग रविवार को एक पुरुष मित्र के साथ सुनसान जगह गई थी। वहां उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। तीन आरोपी मकबूल, टीपू और ओमान हिरासत में हैं, जबकि जावेद फरार है।

अन्य घटनाएं और राजनीतिक प्रतिक्रिया
बोलांगीर जिले में 8 जून को एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। इसकी रिपोर्ट 14 जून को दर्ज हुई और चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। नवरंगपुर में 21 वर्षीय महिला का शव रहस्यमय परिस्थितियों में मिला। पुलिस अधीक्षक कश्यप पार्थ जगदीश ने इसे रहस्यमय मौत बताया है। विपक्षी बीजेडी ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम पहुंचा
इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम पहुंच गया है। ये तीर्थयात्री नाथू ला दर्रे के रास्ते अपनी आगे की यात्रा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को पहुंचे इस पहले जत्थे में 44 लोग शामिल हैं। इनमें दो संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा अधिकारी भी हैं। जत्थे में 32 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। पर्यटन विभाग के एक बयान के अनुसार, सिक्किम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष लुकेन्द्र रसाइली और उप महाप्रबंधक अमित कपिल छेत्री ने एक स्थानीय होटल में तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। तीर्थयात्री यहां चार दिवसीय अनुकूलन कार्यक्रम से गुजरेंगे। इसके बाद, वे 20 जून को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यांग्त्से शहर के लिए प्रस्थान करेंगे। ग्यांग्त्से नाथू ला दर्रे के रास्ते जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक पारगमन बिंदु है।

कर्नाटक में बिदादी टाउनशिप परियोजना पर रार: मुख्यमंत्री और मंत्री के अलग-अलग सुर
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव किया है। किसान और कांग्रेस के कुछ वर्ग इसका विरोध कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने बढ़ती असहमति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 20 जून को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए आ सकता है। यह परियोजना बेंगलुरु के बाहरी इलाके में 7,481 एकड़ भूमि पर विकसित होगी। शिवकुमार ने सोमवार को बताया कि इसे पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने अधिसूचित किया था। उन्होंने महाराष्ट्र और तेलंगाना में ऐसी ही परियोजनाओं का उदाहरण भी दिया। जारकीहोली ने कहा कि सरकार अंतिम निर्णय से पहले सभी चिंताओं पर विचार करेगी। उन्होंने जोर दिया कि अनावश्यक भ्रम से बचना चाहिए और सरकार पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए। जारकीहोली के अनुसार, पार्टी के व्यापक हित में इस पर चर्चा जरूरी है।

ओडिशा में परिवार का बहिष्कार, NHRC ने मांगा जवाब
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा सरकार को नोटिस जारी किया है। सुंदरगढ़ जिले में एक परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार पर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके कारण एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में देरी हुई थी। आयोग ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें कहा गया था कि महुलडीहा गांव की महिला ने 12 साल तक सामाजिक बहिष्कार झेला। ग्रामीणों ने उसकी मृत्यु के बाद बेटी को अंतिम संस्कार में मदद से इन्कार कर दिया था। सोमवार को एनएचआरसी के बयान के अनुसार, जिला प्रशासन और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के हस्तक्षेप के बाद ही महिला का अंतिम संस्कार हो सका। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। एनएचआरसी ने 11 जून की मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें आरोप था कि बेटी के दूसरे जाति के व्यक्ति के साथ जाने पर जुर्माना न भरने के कारण परिवार को बहिष्कृत किया गया था। आयोग ने चिंता व्यक्त की कि परिवार एक दशक से अधिक समय तक सामाजिक बहिष्कार का सामना करता रहा और महिला की मृत्यु के बाद भी यह जारी रहा, जिससे अंतिम संस्कार प्रभावित हुआ। आयोग ने कहा कि ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की आगे जांच की जाएगी।

AIADMK के पूर्व मंत्री विजयभास्कर ने MLA पद से दिया इस्तीफा
एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री और बागी नेता सी. विजयभास्कर ने मंगलवार को अपने MLA पद से इस्तीफा दे दिया और तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को इस्तीफा पत्र सौंपा। प्रभाकर ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस्तीफा पत्र विजयभास्कर ने खुद हाथ से लिखा था, और यह विधानसभा के नियमों के मुताबिक था, इसलिए इसे मंजूर कर लिया गया। विजयभास्कर, जो पिछली एआईएडीएमके सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे, पुदुक्कोट्टई जिले की विरालिमलाई सीट का प्रतिनिधित्व करते थे।

वह उन बागी एआईएडीएमके नेताओं में शामिल थे जिन्होंने 13 मई को विधानसभा में हुए विश्वास मत में टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया था। इससे पहले, एआईएडीएमके के चार अन्य विधायकों ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में सत्ताधारी टीवीके में शामिल हो गए थे। विधायक पद से इस्तीफा देने से पहले, विजयभास्कर ने एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि नेतृत्व का मतलब सत्ता या अहंकार नहीं है, बल्कि सबको साथ लेकर चलना और प्रतिबद्धता दिखाना है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'नेतृत्व न तो अधिकार है और न ही अहंकार... यह तो सबको साथ लेकर चलने का समर्पण है'। उन्होंने आगे कहा, 'कोई नेतृत्व लोगों का दिल कैसे जीत सकता है जब वह पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करने वाले अपने ही कार्यकर्ताओं का दिल नहीं जीत पाता? क्या ऐसी जगह पर कोई सच्ची यात्रा संभव है जहां भावनाओं का सम्मान नहीं किया जाता?'

मिजोरम में सामूहिक दुष्कर्म, एसिड हमले के दोषी दो बीएसएफ जवानों को 42 साल की सजा
मिजोरम के आइजोल जिले की एक अदालत ने 2017 में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म व एसिड हमले में बीएसएफ के दो जवानों को 42-42 वर्ष की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने पीड़िता की सहेली की हत्या के आरोप से दोनों को बरी कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिल्वी जोमुआनपुई राल्ते ने 12 जून को नीलांजन दास और दिनेश कुमार को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। मंगलवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने दोनों को सामूहिक दुष्कर्म के लिए 20 वर्ष, गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने वाले दुष्कर्म के लिए 10 वर्ष और एसिड हमले के लिए 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। ये सजाएं क्रमिक रूप से चलेंगी, जिससे कुल सजा 42 वर्ष होगी। साथ ही, दोनों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के अनुसार, 16 जुलाई 2017 को ममित जिले के सिलसुरी वेस्ट गांव के पास दोनों आरोपियों ने महिला का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसके चेहरे पर संक्षारक पदार्थ फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। मामले में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए। अदालत ने पीड़िता की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए दोषसिद्धि की। हालांकि, पीड़िता की सहेली रंगोबी की मौत के मामले में अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों को हत्या से जोड़ने वाली परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूर्ण श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा, इसलिए दोनों को इस आरोप से बरी किया जाता है।

इंजन में खराबी से दो घंटे बाद लौटा विमान
केरलम के कन्नूर से सऊदी अरब के जेद्दा जा रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान मंगलवार को इंजन में तकनीकी खराबी के बाद उड़ान भरने के लगभग दो घंटे बाद लौट आया। विमान में 180 से अधिक यात्री सवार थे। विमान सुबह 7ः40 बजे कन्नूर से रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान पायलटों को इंजन से संबंधित चेतावनी संकेत दिखाई दिया, जिसके बाद एहतियातन विमान को वापस कन्नूर लाने का फैसला किया गया। विमान सुरक्षित रूप से कन्नूर एयरपोर्ट पर उतर गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। जांच में पता चला कि विमान के ईंधन फिल्टर में कुछ तकनीकी समस्या थी। लैंडिंग से पहले विमान ने अतिरिक्त ईंधन कम करने के लिए कुछ समय एयरपोर्ट के ऊपर चक्कर भी लगाए। एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा, तकनीकी समस्या के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान वापसी का निर्णय किया।

मणिपुर में फिर तनाव, प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए
मणिपुर की राजधानी इंफाल में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) के बाहर मंगलवार रात एक बार फिर तनाव बढ़ गया। कांगपोकपी जिले में हालिया मुठभेड़ में घायल हुए तीन कुकी युवकों के अस्पताल में भर्ती होने के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुट गए। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारी शाम से ही अस्पताल परिसर के बाहर डटे रहे और मांग करते रहे कि तीनों मरीजों को आरआईएमएस से तत्काल हटाया जाए। देर रात करीब 10 बजे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रशासन से मुलाकात कर मरीजों को कब स्थानांतरित किया जाएगा, इस बारे में जानकारी मांगी। प्रतिनिधिमंडल ने बाहर आकर बताया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मरीजों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आधी रात तक उन्हें दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है। हालांकि यह आश्वासन प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट नहीं कर सका और उन्होंने विरोध जारी रखा। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को नियंत्रित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले भी कुकी समुदाय के लोग इंफाल आकर इलाज कराते रहे हैं और कभी किसी ने आपत्ति नहीं जताई। 
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निशाने पर तृणमूल नेता, अब ममता के करीबी सौमित्र पर फेंके अंडे
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से तृणमूल कांग्रेस नेताओं के ऊपर अंडे फेंके जाने की घटनाएं जारी हैं। अब रानीगंज इलाके में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता सौमित्र बनर्जी पर अंडे फेंके गए। पुलिस उन्हें अदालत में पेशी के लिए ले जा रही थी। हालांकि, पुलिस ने तत्काल स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और उन्हें सुरक्षित अदालत पहुंचाया। सौमित्र बनर्जी को भाजपा नेता रवि केशरी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब सोमवार को तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष पर भी ममता बनर्जी के आवास के बाहर अंडा फेंका गया था। बैठक से बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत के दौरान दो युवकों ने उन पर अंडा फेंका था। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना के पीछे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। इधर, धनुरहाट ग्राम पंचायत की सरपंच मंदिरा गेन से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कान पकड़े, हाथ जोड़कर रोती दिख रही हैं। लोग उनके घर के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। बाद में वे घुटनों के बल बैठकर माफी मांगती और रोती नजर आ रहीं।
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