राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का यह कदम कई डॉक्टरों के लिए आशा की किरण के रूप में आया है, जो पाकिस्तान से पलायन करने के बाद कानूनी रूप से भारत में चिकित्सा का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने पाकिस्तान से पलायन कर आए गैर मुस्लिम डॉक्टरों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने की अनुमति के लिए परीक्षा का फैसला किया है। एक प्रस्तावित परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए विशेषज्ञों का एक समूह बनाया है, ताकी अल्पसंख्यकों में चिकित्सा स्नातकों को अनुमति दी जा सके। इन अल्पसंख्यकों में वे लोग थे, जिन्हें अभ्यास करने और स्थायी पंजीकरण के लिए भारतीय नागरिकता मिली थी।
विज्ञापन
आयोग का यह कदम कई डॉक्टरों के लिए आशा की किरण के रूप में आया है, जो पाकिस्तान से पलायन करने के बाद कानूनी रूप से भारत में चिकित्सा का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। दशकों से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदू, सिख, जैन और ईसाई अल्पसंख्यक समूहों के कई लोग भारत चले गए हैं और नागरिकता की मांग कर रहे हैं।