लोकसभा में सोमवार को नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी गई। मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस विधेयक को जन विरोधी, गरीब विरोधी, छात्र विरोधी, लोकतंत्र विरोधी और प्रकृति-विरोधी करार दिया है। विधेयक का विरोध करते हुए आईएमए ने बुधवार से इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
सोमवार को जब निचले सदन से विधेयक को पास कर दिया गया तो आईएमए के कहने पर देशभर के 5000 से ज्यादा डॉक्टर, मेडिकल छात्रों और हेल्थकेयर पेशेवरों ने बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंन एम्स से लेकर निर्माण भलव तक मार्च किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने लोकसभा में सोमवार को विधेयक पेश किया था।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतनु सेन ने कहा, 'एनएमसी चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में अब तक का सबसे बुरा विधेयक है और दुर्भाग्य से एक स्वास्थ्य मंत्री, जो खुद एक डॉक्टर भी हैं, अपनी ही शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने पर तुले हुए हैं। हम किसी भी कीमत पर इस अत्याचार को स्वीकार नहीं करेंगे।'