एनआईए ने कहा कि हमने एक काले रंग की मर्सिडीज को जब्त किया है, हालांकि इसके मालिक के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन जांच में पता चला है कि कार का इस्तेमाल सचिन वाजे ने ही किया था। एनआईए के अधिकारी ने बताया कि एक काले रंग की मर्सिडीज बेंज को जब्त कर लिया गया है।
इस कार में से स्कॉर्पियो की नंबर प्लेट, पांच लाख रुपये से अधिक की नकदी, एक नोट गिनने की मशीन और कुछ कपड़े बरामद हुए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि इसी गाड़ी को मनसुख हिरेन ने 17 फरवरी को इस्तेमाल किया था। एनआईए ने केरोसिन और डीजल से भरे कुछ कंटेनर्स को भी बरामद किया है।
इनको लेकर एनआईए का कहना है कि इनका इस्तेमाल स्कॉर्पियो चालक द्वारा पहने गई पीपीई किट को जलाने के लिए किया गया था। बता दें कि अंबानी के घर के बाहर सीसीटीवी फुटेज में ड्राइवर को पीपीई किट पहने देखा गया था। एनआईए के एक अधिकारी का कहना है कि सचिन वाजे मुंबई पुलिस के सामने अभी भी यह साबित करना चाहते थे कि वो एक बम की साजिश को हल करने के रूप में काफी अच्छे हैं। अधिकारी ने बताया कि सचिन वाजे फिर से लाइमलाइट में आना चाहते थे, इसलिए इस घटना को अंजाम दिया गया।
नाम ना बताने की शर्त पर एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि वास्तव में वो जो चाहते थे, उन्हें वही मिला। उन्हें स्कॉर्पियो कार मामले की जांच दी गई और चार दिनों के दौरान उन्होंने जांच को संभाला और जो गलतियां 25 फरवरी को की थीं, उन्हें ढंकने की भी कोशिश की। जिसमें सीसीटीवी फुटेज मिटाना शामिल है।
अधिकारी ने बताया कि सचिन वाजे ने शायद यह कभी नहीं सोच होगा कि इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी जाएगी और वो अपनी खोई हुई इज्जत वापस पाने में वो असफल हो जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि सचिन वाजे पर शक तब हुआ, जब मनसूख हिरेन की मौत हुई। हिरेन ने पुलिस को बताया था कि उसकी स्कॉर्पियो चोरी हो गई थी।