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National Herald Case: राहुल से ज्यादा अब कांग्रेस को सता रही इस बात की चिंता, बीमार सोनिया से घंटों हुई पूछताछ तो क्या होगा?

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि दरअसल भाजपा के इशारे पर ही ईडी जैसी एजेंसी कांग्रेस के बड़े नेताओं को सिर्फ परेशान कर रही है। इसलिए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सोनिया गांधी को भी 23 जून को ईडी कार्यालय में इतनी देर तक न बैठाया जाए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कहते हैं कि भाजपा की तानाशाही अब चरम पर पहुंच चुकी है...
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National Herald Case: कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से मिलते राहुल गांधी - फोटो : Agency
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विस्तार
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राहुल गांधी से दूसरे दिन शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ में कांग्रेस के आला नेताओं के चेहरे पर शिकन ला दी है। यह शिकन राहुल गांधी से पूछताछ को लेकर कम बल्कि इस बात के लिए ज्यादा है कि 23 जून को सोनिया गांधी से होने वाली पूछताछ अगर ऐसे ही हुई तो क्या होगा। दरअसल पार्टी के नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी पहले से ही लगातार बीमार चल रही हैं और इस वक्त अस्पताल में दाखिल हैं। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद शारीरिक कमजोरी और उनकी बीमारी के चलते प्रवर्तन निदेशालय अगर राहुल गांधी की तरह ही आठ-आठ घंटे बिठा कर लगातार दो दिनों तक पूछताछ करेगा, तो सोनिया गांधी की सेहत के लिए चिंता की बात है। इसको लेकर के पार्टी के नेता अब अपनी नई रणनीति बनाने लगे हैं। इसके मुताबिक अगर सोनिया गांधी की सेहत ऐसी ही रही तो डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर ईडी से होने वाली पूछताछ में आगे की मोहलत मांगी जाएगी।

दोनों दिन पहुंचे राहुल गांधी

राहुल गांधी से सोमवार को हुई थी कि आठ घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद एक बार फिर से मंगलवार को सुबह ग्यारह बजे उन्हें प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय में हाजिर होना पड़ा। इसे लेकर कांग्रेस के नेताओं ने एक बार फिर से प्रदर्शन शुरू किया। उसके बाद कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि राहुल गांधी सोमवार और मंगलवार दोनों दिन लगातार प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय पहुंचकर बयान दर्ज करा रहे हैं। उक्त नेता का कहना है कि चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि सोनिया गांधी को भी 23 जून को प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय में हाजिर होना है। ऐसे में चिंता इस बात की है कि अगर राहुल की तरह सोनिया गांधी को भी इतनी ही ज्यादा देर तक सवालों के जवाबों के लिए मुख्यालय में बिठाया गया तो क्या होगा।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि दरअसल भाजपा के इशारे पर ही ईडी जैसी एजेंसी कांग्रेस के बड़े नेताओं को सिर्फ परेशान कर रही है। इसलिए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सोनिया गांधी को भी 23 जून को ईडी कार्यालय में इतनी देर तक न बैठाया जाए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कहते हैं कि भाजपा की तानाशाही अब चरम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ ऐसे बर्ताव कर रही है जैसे कि वह आतंकवादी है। चौधरी कहते हैं कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भाजपा के तानाशाही रवैये का हर हाल में मुकाबला करेंगे।

ईडी में लगाएंगे अर्जी

कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सोमवार रात को भी कांग्रेस पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की बैठक में सोनिया गांधी के सेहत को लेकर और ईडी से होने वाली पूछताछ पर गंभीर चर्चा भी की थी। वे कहते हैं कि इस बैठक के दौरान और बाद में वरिष्ठ नेताओं ने उनकी सेहत के आधार पर ईडी से आगे की मोहलत मांगने के लिए भी चर्चा की है। हालांकि इस मामले में कांग्रेस की ओर से किसी वरिष्ठ नेता ने कोई आधिकारिक बयान तो नहीं दिया है, लेकिन बैठक में शामिल एक नेता बताते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सेहत के लिहाज से और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर यह अर्जी ईडी में लगाई जा सकती है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाने की भी बात कही है और सोनिया गांधी को 23 जून की होने ईडी से पूछताछ में मेडिकल ग्राउंड पर छूट की मांग भी रखने की बात कही है।

हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस के नेता भाजपा के कुचक्र से नहीं डरने वाले हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी सोमवार और मंगलवार को लगातार प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय में जाकर पूछताछ में मदद कर रहे हैं। उनका कहना है सोनिया गांधी की सेहत अगर दुरुस्त रहती है तो 23 जून को होने वाली पूछताछ में राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल होंगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कहते हैं कि भाजपा सिर्फ कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं को परेशान करने के मकसद से ही जांच एजेंसियों को पीछे लगा रही है। लेकिन इससे पार्टी डरने वाली नहीं है। पार्टी ने जो अपना सत्याग्रह अभियान शुरू किया है वह अब रुकने वाला नहीं है।

आधी रात तक पूछताछ करना कौन सा कानून?

हरीश रावत कहते हैं कि भाजपा की दमनकारी नीतियों के विरोध में शुरू हुआ यह सत्याग्रह अब गांव-गांव से लेकर गली-गली तक जाएगा। कांग्रेस नेता मलिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी गृह मंत्रालय के निर्देश पर कांग्रेस को न सिर्फ परेशान कर रहे हैं बल्कि गैर-कानूनी तरीके से पूछताछ भी कर रहे हैं। मलिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाना और आधी रात तक बिठाना कौन सा कानून है। खड़गे कहते हैं कि जिस तरीके से प्रवर्तन निदेशालय बर्ताव कर रहा है उससे सरकार की मंशा साफ झलक रही है।

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वहीं सोनिया गांधी को लेकर पार्टी के नेताओं की चल रही मंत्रणा में कानून के जानकारों का अपना अलग मत है। सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप मनचंदा कहते हैं कि मेडिकल आधार पर किसी भी व्यक्ति से किसी भी एजेंसी की होने वाली पूछताछ तारीख में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि उनका कहना है कि बदलाव तभी हो सकता है जब उसमें कोई बड़ी कानूनी अड़चन न हो। अनूप कहते हैं कि कई बार कोर्ट में पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट को दाखिल करना होता है और पहले से कई बार तारीखों को बढ़ाया जा चुका होता है तो ऐसी दशा में एजेंसी की ओर से पूछताछ की तारीख में बदलाव होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं। उनका कहना है कि सोनिया गांधी को पहले भी पूछताछ में कोविड संक्रमण की वजह से अगली तारीख दी जा चुकी है। ऐसे में बीमारी के बाद डॉक्टरी सलाह बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। उनका कहना है कि कानूनी तौर पर इस सलाह के आधार पर किसी भी तरीके की पूछताछ में छूट मिलने की गुंजाइश बनी रहती है।

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