यूपी में बड़ौत के 11 वर्षीय वास्संज्ञान चौधरी जम्मू-कश्मीर के लेह लद्दाख में स्थित 20163 फुट ऊंची चोटी स्टोक कांगड़ी पर ध्वजारोहण करने वाले विश्व के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन गए हैं।
इस बाल पर्वतारोही ने ऑक्सीजन स्तर माइनस 18 डिग्री के खून जमा देने वाले तापमान और अंतिम 2000 फुट की 75 डिग्री की खड़ी चढ़ाई जैसे जानलेवा खतरों का सामना करते हुए छह जून को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर लेह लद्दाख की दुर्गम चोटी स्टोक कांगड़ी पर तिरंगा लहराया। वास्संज्ञान का जंस्कार हिमालय की इस सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने का यह मिशन कतई आसान नहीं था, क्योंकि वह चार जून को अपने प्रयास में नाकामयाब रहा था।
इस दिन ग्लेशियर पर ऑक्सीजन की कमी से लड़ते हुए उसकी सांस उखड़ गई थी। वहीं पांच किलो वजन के भारी बर्फ से बचाने वाले जूतों के कारण उसके पैर दर्द से कहराने लगे। इस संकट के चलते उसे अपने शेरपा पदम लिंबू के साथ बेस कैंप पर वापस लौटना पड़ा। हिम्मत से परिस्थितियों का सामना करते हुए दोनों ने नई रणनीति बनाकर पुन: प्रयास करने का निर्णय लिया।