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दुनिया के सबसे ऊंचे इलाके में बसी बस्ती में महिलाओं पर बढ़ा अत्याचार

Fri, 29 Jan 2021 06:16 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के इलाके में महिलाओं से मारपीट और सेक्सुअल हैरेसमेंट के मामले बढ़े
  • नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
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Ladakhi Women performing local cultural dance - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ी इलाके पर बसी रिहायशी बस्ती लेह/लद्दाख में महिलाओं पर बीते कुछ सालों में हिंसा के मामले बढ़ गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से हाल में जारी हुई नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि लद्दाख इलाके में महिलाओं के साथ न सिर्फ मारपीट जैसे मामले ही बढ़े, बल्कि युवतियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले भी बढ़े हैं।

पत्नियों पर पतियों की हिंसा बढ़ी

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के आंकड़ों के मुताबिक 5 साल पहले लद्दाख इलाके में 8.5 फीसदी महिलाओं ने माना था कि उनके पति उनके साथ मारपीट से लेकर गाली गलौज और यौन हिंसा करते हैं। जबकि हाल में रिलीज हुए सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि इन पांच सालों में शादीशुदा महिलाओं के प्रति पतियों की हिंसा दस फीसदी से बढ़ कर 18 फीसदी हो गयी है।

अब तो गर्भवती महिलाओं से भी हो रही मारपीट

2015-16 के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक लद्दाख इलाके में गर्भवती महिलाओं के साथ कभी कोई हिंसा के मामले रिपोर्ट नहीं हुए और न ही किसी महिला ने इस बारे में किसी सर्वे में कोई जिक्र किया। जबकि 2019-20 के जारी आंकड़ों में गर्भवती महिलाओं के साथ भी हिंसा के मामले सामने आए हैं। हालांकि इसका प्रतिशत बहुत कम है। आंकड़ों के मुताबिक एक फीसदी महिलाओं के साथ गर्भावस्था के दौरान मारपीट और यौन हिंसा उनके पतियों ने की।

18 साल की उम्र से पहले भी हो रही यौन हिंसा

रिपोर्ट के आंकड़े कहते हैं कि लद्दाख इलाके में 18 साल की उम्र तक आते-आते लड़कियों के साथ यौन हिंसा बढ़ रही है। हेल्थ सर्वे में 18 से 29 साल की महिलाओं से जब यह पूछा गया कि क्या उनके साथ 18 साल की उम्र में पहुंचने से पहले कभी कोई यौन हिंसा हुई, तो 8.7 फीसदी महिलाओं ने हां में जवाब दिया। जबकि 2015-16 में आए सर्वे में महज 1.2 फीसदी महिलाओं ने अपने साथ हुई ऐसी हिंसा की बात स्वीकारी थी।

सांसद बोले, महिलाओं को बनाएं स्वाबलंबी

वहीं लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल का कहना है कि दअसल ऐसे मामलों में अब महिलाएं खुलकर सामने आने लगी हैं और यह अच्छी बात भी है। जो आंकड़े इस सर्वे में आए हैं उससे समस्याओं का निराकरण करने में मदद मिलेगी। हमारी सरकार की कोशिश है कि महिलाओं को स्वाबलंबी बनाया जाए और वो इस काबिल बनें कि अपनी बात को प्रमुखता के साथ रख सकें ताकि उनके साथ कभी अन्याय न हो।

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