सेना भर्ती का 'टूर ऑफ ड्यूटी' मॉडल: क्या ये युवाओं के जुनून, देशभक्ति और सेना भावना का अपमान तो नहीं है?
सार
युवा हल्लाबोल के राष्ट्रीय संयोजक अनुपम का कहना है, ये मॉडल कई देशों में अनिवार्य सेना ट्रेनिंग के तौर पर लागू है। हमारे देश में सरकार इसे नियमित भर्ती का विकल्प बनाना चाहती है। युवाओं को सरकार की नीयत पर शक है। वह इसलिए है कि सरकार, समय पर सेना भर्ती की प्रक्रिया को शुरू नहीं कर सकी। अपनी गलतियां छिपाने के लिए 'यूथ और सेना' के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया है...
सेना भर्ती
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)