Andhra Pradesh: 28वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम शहर में 9 और 10 जून को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड्स (एनएईजी) 2025 भी वितरित किए जाएंगे।
देश की 28वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस (एनसीईजी) अब 9 और 10 जून को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगी। पहले इसे गलती से 9-10 मई बताया गया था, लेकिन अब सरकार ने तारीख साफ कर दी है। दो दिन चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस का थीम — 'विकसित भारत: सिविल सेवा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' होगा। इसमें कुल छह मुख्य सत्र और छह छोटे समूह सत्र होंगे।
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केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजन
यह आयोजन केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) की तरफ से आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मकसद नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और शिक्षाविदों को एक साथ लाना है ताकि वे मिलकर चर्चा कर सकें और ऐसे सुझाव दे सकें, जिनसे सरकार की सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।
'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' केंद्र का लक्ष्य
केंद्र सरकार का लक्ष्य है 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' और यह सम्मेलन उसी दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड्स (एनएईजी) 2025 भी वितरित किए जाएंगे। इन पुरस्कारों को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू करेंगे। वे एक सत्र की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसका विषय — आईटी हब के रूप में विशाखापत्तनम' होगा।
पवन कल्याण और नारा लोकेश देंगे मुख्य भाषण
वहीं उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और आईटी एवं मानव संसाधन मंत्री नारा लोकेश भी सम्मेलन में मुख्य भाषण देंगे। इसमें केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए डीएआरपीजी ने एक पोर्टल (nceg.gov.in) शुरू किया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, वक्ता, पैनलिस्ट और पुरस्कार विजेता अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
इस बड़े आयोजन की तैयारियों के लिए डीएआरपीजी के सचिव वी. श्रीनिवास ने हाल ही में एक वर्चुअल बैठक भी की, जिसमें उन्होंने सम्मेलन के कार्यक्रम और उसकी अहमियत के बारे में विस्तार से बताया।