राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने को कहा है। रिपोर्ट में घटना, पीड़ितों और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी सभी जानकारियों की भी मांग की गई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पश्चिम बंगाल के अशांत संदेशखाली क्षेत्र का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रशासन को तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मामले की जांच करने का निर्णय लिया है।
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आयोग ने कहा, 'आपसे अनुरोध है कि इस नोटिस की प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करें। रिपोर्ट में घटना, पीड़ितों और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी सभी जानकारियां होनी चाहिए।'
संदेशखाली में स्थानीय महिलाओं का प्रदर्शन
संदेशखाली में स्थानीय महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर जबरन उनके जमीनों पर कब्जा करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की भी मांग की है।
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बता दें कि पिछले महीने टीएमसी नेता शेख शाहजहां के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही शाहजहां फरार है।
हालांकि, महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने को लेकर भाजपा के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है।