वन्यजीव (वाइल्डलाइफ) फोटोग्राफी में पांच सबसे बड़े विषय 'बिग-5' चुनने के लिए पिछले साल अप्रैल में शुरू हुई मुहिम का परिणाम आ गया है। इस लिस्ट में हाथी, पोलर बेयर (ध्रुवीय भालू), गोरिल्ला और शेर के साथ भारत के राष्ट्रीय पशु एशियाई टाइगर का नाम भी शामिल है। इन बिग-5 के चयन के लिए 50 हजार से ज्यादा वोट पड़े। दुनियाभर के वन्यजीव प्रेमियों ने अपने पसंदीदा जानवरों की अलग-अलग तस्वीरें देखने के लिए वोट डाले थे।
बिग-5 में शामिल पांचों प्रजातियां इस समय अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं और आईसीयूएन (प्रकृति संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ) इन्हें या तो गंभीर रूप से खतरे में या खतरे में मानता है। इस समय करीब 10 लाख प्रजातियां ऐसी हैं जो मिटने की कगार पर हैं। ऐसे में इस मुहिम की शुरुआत करने वाले और वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि बिग-5 में शामिल ये पांच जानवर इनके लिए वैश्विक ब्रांड अंबेसडर की तरह साबित हो सकते हैं।
क्या है 'बिग-5' का मतलब
बिग-5 शब्द का इस्तेमाल पहले के समय में अफ्रीका में शिकारियों (ट्रॉफी हंटर) द्वारा किया जाता था। तब बिग-5 में हाथी, गैंडा, तेंदुआ, केप बफेलो (जंगली भैंस) और शेर आते थे। जो ट्रॉफी हंटर इन पांचों जानवरों को मार सकता था माना जाता था कि उसने बिग-5 पूरा किया है। तब इसे एक तरह का सम्मान समझा जाता था। नए बिग-5 का उद्देश्य जानवरों को बंदूक से मारने का नहीं बल्कि कैमरे से उनकी तस्वीरों का 'शिकार' करने का है।
लाखों प्रजातियों पर संकट
दि जेन गुडॉल इंस्टीट्यूट की संस्थापक डॉ. जेन गुडॉल ने कहा कि नए बिग-5 प्रोजेक्ट का परिणाम आ चुका है। ये पांच जानवर हैं- हाथी, पोलर बेयर, गोरिल्ला, बाघ और शेर। ये बेहद खूबसूरत प्रजातियां हैं और दुनिया के वन्यजीवों के शानदार ब्रांड अंबेसडर हैं। लाखों प्रजातियां अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। अगर हम मिलकर काम करें तो ऐसा होने से रोक सकते हैं। बदलाव संभव है अगर हम सभी अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं।