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Op Sindoor: 'छह वीरों को पहलीबार सम्मान का दावा गलत', सरकार बोली- नायकों को पहले ही दी जा चुकी थी श्रद्धांजलि

Sun, 28 Jun 2026 01:09 AM IST
Pavan पीटीआई, नई दिल्ली

सार

Operation Sindoor: रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के छह बलिदानियों को समय पर श्रद्धांजलि और वीरता पुरस्कार दिए गए थे। मंत्रालय ने कांग्रेस की तरफ से वीरों के बलिदान छिपाने के आरोपों को गलत बताया। साथ ही कहा कि बलिदानी के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर तय प्रक्रिया के तहत दर्ज किए गए हैं और उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा।

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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर के छह वीरों के नाम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीद जवानों को सम्मान देने को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान देने वाले छह सैनिकों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टें और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। इन वीर सैनिकों को समय पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी।
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कांग्रेस के आरोपों के बाद मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय का यह बयान कांग्रेस के आरोपों के बाद आया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया था कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान हुए छह जवानों के बलिदान को एक साल तक सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया और उनकी बलिदान को छिपाया गया। मंत्रालय ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि इन छह वीरों के बलिदान को पहली बार अब सार्वजनिक किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है।
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11 मई 2025 को ही डीजीएमओ ने दी थी श्रद्धांजलि
स्पष्टीकरण के मुताबिक 11 मई 2025 को आयोजित प्रेस वार्ता में सैन्य अभियानों के तत्कालीन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी और उनके बलिदान का उल्लेख किया था। इसके साथ ही 14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन छह वीर सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। यह उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को मान्यता देना था। सेना के सोशल मीडिया हैंडल पर भी इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई थी। 



'राष्ट्रीय समर स्मारक पर नाम अंकित होना प्रोटोकॉल का हिस्सा' 
स्पष्टीकरण में कहा गया है कि 8 अक्तूबर 2025 को वायुसेना प्रमुख ने एक समारोह में और 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड के दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने तीन दिवंगत सैनिकों के परिजनों को सेना मेडल प्रदान किए। सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय समर स्मारक पर बलिदानी सैनिकों के नाम अंकित किया जाना एक निर्धारित और व्यवस्थित प्रोटोकॉल का हिस्सा है। सरकार ने इस मुद्दे पर पैदा विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे निराधार दावे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं और बलिदानियों के परिजनों को अनावश्यक पीड़ा पहुंचा सकते हैं।

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'ऑपरेशन सिंदूर के बलिदानी देश के नायक'
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बलिदानी देश के नायक हैं। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। देश हमेशा उन्हें सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा के साथ याद करेगा। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इन छह बलिदानियों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) के 'त्याग चक्र' की दीवार संख्या 3D पर अंकित किए गए हैं। इन बलिदानियों में सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार (वीआरसी), लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरलीनायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। उनके नामों के साथ उनकी यूनिट का नाम भी दर्ज किया गया है।
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