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ऑफिस राजनीति बना विवाद की वजह?: टीसीएस नासिक मामले में आया नया मोड़, आरोपी के परिवार ने किये कई बड़े खुलासे

Sun, 19 Apr 2026 05:29 PM IST
Himanshu Singh Chandel पीटीआई, नासिक

सार

नासिक टीसीएस केस में आरोपी रजा मेमन के परिवार ने आरोपों को झूठा बताते हुए इसे ऑफिस राजनीति और जलन की साजिश कहा है। पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और एसआईटी जांच कर रही है। एक आरोपी फरार है। कंपनी ने आरोपियों को सस्पेंड कर आंतरिक जांच शुरू की है।
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टीसीएस नासिक - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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नासिक के टीसीएस दफ्तर में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन दबाव के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी रजा रफीक मेमन के परिवार ने आरोपों को गलत बताते हुए इसे ऑफिस राजनीति और पेशेवर जलन का नतीजा बताया है। परिवार का कहना है कि मेमन एक हाई परफॉर्मर कर्मचारी था और इसी वजह से उसे फंसाया गया है।
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परिवार के मुताबिक, मेमन टीम लीडर था और उसने पिछले साल कंपनी के एक आंतरिक परीक्षा में टॉप किया था। उसके चाचा अयाज काजी ने कहा कि यह मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। इसमें अच्छे प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य आरोप किसी और पर हैं और अगर वह दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।

क्या परिवार ने आरोपों को साजिश बताया?
मेमन के परिवार ने साफ कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। उनका दावा है कि ऑफिस में प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या के कारण यह मामला खड़ा किया गया है। परिवार ने कहा कि मेमन का रिकॉर्ड साफ रहा है और उसने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है।
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क्या पेशेवर प्रदर्शन बना वजह?
परिवार के अनुसार, मेमन का अच्छा प्रदर्शन ही उसके खिलाफ माहौल बनने की वजह बना। उन्होंने कहा कि कंपनी में टॉप करने के बाद कुछ लोग उससे नाराज हो गए थे। यही वजह है कि उसे फंसाने के लिए इस तरह के गंभीर आरोप लगाए गए।

पुलिस जांच में क्या स्थिति है?
नासिक पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सात पुरुष और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर शामिल हैं। पुलिस ने कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं और विशेष जांच टीम (SIT) मामले की जांच कर रही है।

अन्य आरोपी भी फरार हैं?
इस मामले में एक अन्य आरोपी निदा खान अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका भी दाखिल की है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी।
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कंपनी का क्या कहना है?
टीसीएस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। कंपनी ने आरोपियों को निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि उसके आधिकारिक चैनलों पर इस तरह की कोई शिकायत पहले दर्ज नहीं हुई थी।

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