घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया, लेकिन तब तक नुकसान काफी गंभीर हो चुका था। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए। बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी रखी।
अब तक लगभग 23 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीनाथ स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।
राहत और बचाव कार्य कैसे चल रहा है?
फायर और रेस्क्यू विभाग के अनुसार, अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं और बाकी लोगों को खोजने का काम जारी है। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है कि विस्फोट कैसे हुआ। प्रारंभिक आशंका है कि विस्फोट फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम स्टालिन ने जताया दुख
इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उन्हें इससे गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। साथ ही प्रशासन को राहत और सहायता कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने और उनकी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने का अनुरोध किया है। इस घटना की सूचना मिलते ही मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता समन्वय करने का निर्देश दिया है।