नासिक के टीसीएस दफ्तर में कथित धार्मिक उत्पीड़न और महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी महिला कर्मचारी निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। उसने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए राहत मांगी है। वहीं, इस केस में अन्य आरोपियों की पुलिस हिरासत भी बढ़ा दी गई है, जिससे मामले की गंभीरता साफ दिखती है।
इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत ने आरोपी सफी शेख और रजा मेमन की पुलिस कस्टडी दो दिन के लिए और बढ़ा दी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। निदा खान की जमानत याचिका पर नासिक सत्र अदालत में सोमवार को सुनवाई होगी। उसके वकील ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं और वह किसी भी महिला की मर्यादा भंग करने की दोषी नहीं हो सकती।
क्या आरोपी महिला फरार है?
पुलिस के अनुसार, आरोपी निदा खान फिलहाल फरार है और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही है। नासिक पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ठाणे के मुंब्रा इलाके में उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने उसके पति से पूछताछ की है, लेकिन अब तक उसका कोई ठिकाना नहीं मिल सका है। पुलिस को शक है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदल रही है, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है।
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क्या पुलिस जांच में नए सुराग मिले हैं?
पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन बंद हैं और जिन रिश्तेदारों के यहां होने की जानकारी मिली थी, वहां भी घर बंद मिला। इससे साफ है कि आरोपी जांच से बचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच एजेंसियां हर सुराग पर काम कर रही हैं ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
कितने लोग अब तक गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सात पुरुष और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, कुल नौ मामलों में जांच चल रही है, जिनमें धार्मिक भावनाएं आहत करने, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है।
कंपनी का क्या कहना है?
टीसीएस ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। कंपनी ने सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। टाटा संस के चेयरमैन N Chandrasekaran ने इस मामले को गंभीर और चिंताजनक बताया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उसके आधिकारिक सिस्टम या शिकायत चैनल पर इस तरह की कोई शिकायत पहले दर्ज नहीं हुई थी।
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