कानून को अमल में लाने के लिए क्या करना होगा?
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विधेयक कानून भी बन गया है, लेकिन इसको अमल में लाने से पहले दो शर्तों को पूरा करना होगा। ये शर्तें जनगणना और परिसीमन की हैं जिन्हें पूरा करने में कई साल लग सकते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुताबिक, महिला आरक्षण कानून आगामी जनगणना के बाद लागू होगा। कानून बनने के बाद होने वाली जनगणना के बाद आरक्षण लागू करने के लिए नए सिरे से परिसीमन होगा। परिसीमन के आधार पर ही महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी।
अमल में आने के बाद क्या बदलेगा?
मौजूदा समय में लोकसभा में कुल सदस्य संख्या 543 है। इस वक्त महिला सांसदों की संख्या 82 है। होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएगी।
इस अधिनियम में संविधान के अनुच्छेद- 239AA के तहत राजधानी दिल्ली की विधानसभा में भी महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। यानी, दिल्ली विधानसभा में भी 70 में से 23 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया जाएगा।
विधानसभाओं में क्या बदलेगा?
| राज्य |
कुल सीट |
कानून बनने के बाद महिला विधायकों की संख्या |
| उत्तर प्रदेश |
403 |
134 |
| पश्चिम बंगाल |
294 |
98 |
| महाराष्ट्र |
288 |
96 |
| बिहार |
243 |
81 |
| तमिलनाडु |
234 |
78 |
| मध्य प्रदेश |
230 |
76 |
| कर्नाटक |
224 |
74 |
| राजस्थान |
200 |
66 |
| गुजरात |
182 |
60 |
| आंध्र प्रदेश |
175 |
58 |
| ओडिशा |
147 |
49 |
| केरल |
140 |
46 |
| असम |
126 |
42 |
| तेलंगाना |
119 |
39 |
| पंजाब |
117 |
39 |
| छत्तीसगढ़ |
90 |
30 |
| हरियाणा |
90 |
30 |
| जम्मू-कश्मीर |
87 |
29 |
| झारखंड |
81 |
27 |
| उत्तराखंड |
70 |
23 |
| दिल्ली |
70 |
23 |
| हिमाचल प्रदेश |
68 |
22 |
| त्रिपुरा |
60 |
20 |
| मणिपुर |
60 |
20 |
| मेघालय |
60 |
20 |
| अरुणाचल प्रदेश |
60 |
20 |
| नगालैंड |
60 |
20 |
| गोवा |
40 |
13 |
| मिजोरम |
40 |
13 |
| सिक्किम |
32 |
10 |
| पुडुचेरी |
30 |
10 |