पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसी के साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर एक किताब जारी की गई जिसमें बताया है कि पीएम हमेशा ही महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत रहते हैं। मोदी सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं शुरू की हैं, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
केंद्र सरकार द्वारा "9 वर्ष: सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण" नामक पुस्तक जारी की गई है। किताब में पिछले नौ वर्षों में महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाएं जैसे, मिशन पोषण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के बारे में बताया गया है।
पुस्तक में कहा गया है कि मुद्रा योजना के तहत 68 फीसदी महिलाओं को लोन दिया गया है यानी 27 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण महिला लाभार्थियों को दिए गए। 3.18 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोले गए और पीएम मातृ वंदना योजना के तहत 3.03 करोड़ से अधिक महिलाओं को भुगतान किया गया। भारत में पहली बार, प्रति 1,000 पुरुषों (NFHS-5) पर 1,020 महिलाओं का अनुपात हासिल किया गया।
पुस्तक में आगे कहा गया है कि सरकार ने पोषण सामग्री और वितरण में एक रणनीतिक बदलाव के माध्यम से बच्चों, किशोर लड़कियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम मिशन पोषण लॉन्च किया है। साथ ही बताया कि लगभग 2.5 करोड़ पीएम आवास-ग्रामीण लाभार्थियों में से 68.9 प्रतिशत महिलाएं हैं।
इसके अलावा, पुस्तक में कहा गया है कि 27 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड एक रुपये में दिए गए। जिनको जन औषधि केंद्रों के माध्यम से वितरित किया गया और पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 3.94 करोड़ मुफ्त प्रसव पूर्व जांच की गई।साथ ही बताया कि पीएम मोदी के शासन के दौरान पेड मैटरनिटी लीव को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया, एनएफएचएस-4 में लिंग अनुपात को 991 से बढ़ाकर एनएफएचएस-5 में 1020 कर दिया गया था और 2018-20 में मातृ मृत्यु दर घटकर 97 हो गई थी।
उज्ज्वला योजना के तहत बांटे मुफ्त सिलेंडर
महिलाओं को सम्मान भरा जीवन देने के लिए मोदी सरकार ने अपने वादे के पूरा करते हुए उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडरों को बांटा। जिससे धुंआ मुक्त रसोई के जरिए करोड़ों महिलाओं को सांस संबंधी बीमारियों से बचाया।