केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच 30 दिसंबर को वार्ता होने वाली है। इससे पहले मंगलवार शाम को कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर बुधवार की अहम वार्ता के लिए चर्चा की। वार्ता से पहले इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जाना रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान तय किया गया है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री गोयल और वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश किसानों के साथ वार्ता में केंद्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सरकार और किसान संगठनों के बीच अब तक कुल पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। इसके बाद छठे चरण की वार्ता के लिए नौ दिसंबर को प्रस्तावित बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने किसान नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की थी।
उन्हीं के सुझाव के आधार पर सरकार की ओर से किसान संगठनों को उन मुद्दों की सूची भेजी गई, जिन्हें पिछली वार्ताओं में चिन्हित किया गया था, लेकिन उस प्रस्ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर आंदोलन को तेज करने की घोषणा कर दी।
बता दें कि किसान संगठनों ने 30 दिसंबर को सरकार के साथ बातचीत के लिए भले ही हामी भर दी हो, लेकिन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर वे अब भी अड़े हुए हैं। इस बाबत उन्होंने सरकार को लिखे पत्र में भी साफ कर दिया है कि हम अपने पिछले पत्र में लिखे एजेंडे पर ही बातचीत के लिए आ रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले पत्र में नए कृषि कानूनों को वापस लेने, एमएसपी पर कानूनी गारंटी, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन अध्यादेश, 2020 और विद्युत संशोधन विधेयक, 2020 के मसौदे को वापस लेने का जिक्र किया था।
किसानों का ट्रैक्टर मार्च स्थगित
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने बुधवार को सरकार के साथ होने वाली बातचीत के मद्देनजर अपना प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया है।