अब आम आदमी तो क्या मंत्रियों और अधिकारियों को भी पीएम नरेंद्र मोदी के पास बिना अनुमति नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें इसके लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) से इजाजत लेनी होगी। एसपीजी जरूरत महसूस होने पर मंत्रियों और अधिकारियों की तलाशी भी ले सकता है। दरअसल, पीएम मोदी पर गुमनाम खतरे का जिक्र करते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत पीएम की सुरक्षा को और सख्त किया गया है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि पीएम पर अब तक का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। माना जा रहा है कि एसपीजी ने पीएम को कम से कम रोड शो करने की सलाह दी है क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से जनसभाएं ज्यादा सुरक्षित होती हैं। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पीएम मोदी 2019 चुनाव के स्टार प्रचारक होंगे। लिहाजा, वह हत्यारों के निशाने पर नंबर वन की श्रेणी में हैं।
चुनावी रैली में बरती जाएगी ज्यादा सख्ती
पीएम मोदी
गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में राज्यों से कहा गया है कि खासतौर पर चुनावी रैली और प्रचार के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सख्ती बरती जाए। प्रधानमंत्री के भीतरी सुरक्षा घेरे (सीपीटी) के अधिकारियों को इन खतरों और नए नियमों की जानकारी दे दी गई है। हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि पीएम को आखिर खतरा किससे है।
हत्या की साजिश का मिला था पत्र
पुणे पुलिस ने 7 जून, 2018 को अदालत में कहा था कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) से जुड़े पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद इनमें से एक के दिल्ली आवास से एक पत्र मिला था। इसमें मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर हत्या करने की साजिश का जिक्र था। हाल में मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे में एक व्यक्ति सात सुरक्षा घेरे तोड़ते हुए उनके नजदीक पहुंच गया था।
गृह मंत्री-एनएसए ने की थी समीक्षा
पीएम मोदी
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम की सुरक्षा की समीक्षा के लिए एनएसए अजीत डोभाल, गृह सचिव राजीव गाबा, खुफिया ब्यूरो प्रमुख राजीव जैन के साथ बैठक की। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि पीएम के सुरक्षा इंतजाम में मजबूती के लिए सभी एजेंसियां मिलकर जरूरी कदम उठाएं।
पीएफआई पर रखी जा रही खास नजर
छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे माओवाद प्रभावित राज्यों को संवेदनशील घोषित कर दिया है। इनके पुलिस प्रमुखों को उनके राज्यों में पीएम की यात्रा के दौरान अतिरिक्त चौकसी बरतने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियां केरल के चरमपंथी संगठन पीएफआई पर नजर रख रही हैं।
पीएम का सुरक्षा घेरा
पीएम मोदी
-एसपीजी का भीतरी सुरक्षा घेरा रहता है।
-एसपीजी के दो और घेरे सुरक्षा देते हैं।
-सेना और अर्द्धसैनिक बल तैनात होते हैं।
-स्थानीय पुलिस सुरक्षा देती है।
-दौरे में एनएसजी दस्ता साथ रहता है।
-दौरे में एक जैमर लगी गाड़ी साथ होती है।