नरेंद्र कुमार मोदी ने 1975 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन लिया था।
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चंद दिनों पहले तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमनाम होना अलवर के व्यवसायी नरेंद्र मोदी को बहुत भाता था। प्रधानमंत्री का 'नामराशी' होने के कारण वे चर्चा में रहते थे, हालांकि जबसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी के डिग्री विवाद में उनका नाम लिया है, वे बहुत परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के व्यवसायी अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि 1978 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्नातक की डिग्री नहीं मिली थी, बल्कि अलवर के उद्योगपति नरेंद्र कुमार मोदी को डिग्री मिली थी। प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर किया जा रहा दावा झूठा है।
केजरीवाल के बयान के बाद से अलवर के व्यवसायी नरेंद्र मोदी परेशान हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ''मेरा नाम विवाद में घसीटा जा रहा है। मेरा ध्यान मेरी बिजनेस मीटिंगों से हटाकर रिपोर्टर्स की फोन कॉल पर लगा दिया गया है।" उन्होंने कहा कि अगर लोग आपके नाम की इस्तेमाल आपकी इजाजत के बगैर करते हैं तो बहुत ही बुरा लगता है। हालांकि अलवर के व्यवसायी नरेंद्र मोदी ये जरूर मानते हैं कि 1978 में उन्हें डीयू से डिग्री मिली थी।
टाइम्स ऑप इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अलवर के नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री में बहुत अंतर है। अलवर के नरेंद्र मोदी ने कॉमर्स से स्नातक किया है और डिग्री पर उनका नाम नरेंद्र कुमार मोदी है। जबकि प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री बीए की है और उसपर उनका नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी दर्ज है।
अलवर के मोदी ने 1975 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लिया था और 1978 में उन्होंने कॉलेज के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी लड़ा था। नरेंद मोदी अपने बारे में खुलासा किए जाने से आम आदमी पार्टी से नाराज हैं।