लोकसभा चुनाव में सुनामी जीत हासिल करने वाले नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट के गठन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। हालांकि भाजपा संसदीय दल की बैठक शनिवार को होगी। इस बार मोदी कैबिनेट में कई नए युवा चेहरों को जगह मिलेगी तो दूसरी ओर कैबिनेट में कुछ बड़े नेताओं की जिम्मेदारी बदले जाने की भी चर्चाएं हैं।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, सुषमा स्वराज, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, वीके सिंह और मेनका गांधी को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इसी तरह अनुराग ठाकुर, गोपाल शेट्टी, तेजस्वी सूर्या, गजेंद्र शेखावत, खडसे रक्षा निखिल, सुभाष सरकार, ज्योर्तिमय सिंह महतो, राजू बिस्टा, मोहन मंडावी और प्रीतम मुंडे जैसे सांसदों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अगर अमित शाह मोदी कैबिनेट में बतौर गृहमंत्री शामिल होते हैं तो मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को दूसरी भूमिका सौंपी जा सकती है। ऐसी चर्चाएं भी हैं कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और राजनाथ को दोबारा से संगठन में लाया जा सकता है।
हालांकि इस बाबत कोई भी फैसला करने से पहले मोदी और शाह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से बातचीत करेंगे। अगर नड्डा को पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलती है तो राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय जैसा विभाग दिया जा सकता है।
गोयल की भूमिका लगभग तय
मोदी की नई कैबिनेट में पीयूष गोयल की भूमिका लगभग तय हो गई है। उन्हें वित्त मंत्रालय सौंपे जाने की तैयारियां चल रही हैं। बता दें कि मौजूदा कैबिनेट में गोयल को मोदी के सबसे विश्वस्त मंत्रियों में शामिल किया जाता है।
ऐसी उम्मीद बहुत कम है कि विदेश मंत्रालय इस बार सुषमा स्वराज के पास रहे। इस बार उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है। यह जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण के पास जा सकती है।
भाजपा के एक बड़े नेता का यह भी कहना है कि मोदी इस बार अपनी कैबिनेट में कई नए चेहरों को मौका देना चाहते हैं। इसके अलावा वे राज्य जहां भाजपा ने पहली बार बड़ी जीत का परचम लहराया है, वहां के सांसदों को मंत्री पद दिया जाएगा। इसमें पहला नंबर पश्चिम बंगाल का आता है। यहां पर भाजपा ने टीएमसी के किले में बड़ी सेंध लगाई है।