आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के संस्थापक और बिहार के काराकट से सांसद भी हैं। उनकी पार्टी RLSP केंद्र की एनडीए सरकार में भागीदार है। इससे पहले भी पटना में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें
आरजेडी के सदस्य भी शामिल हुए थे। जिसके बाद अमित शाह ने कुशवाहा से मुलाकात कर उन्हें एनडीए सरकार के खिलाफ राजनीतिक दुर्व्यवहार न करने के लिए आगाह किया था। लेकिन उनकी लालू से की गई मुलाकात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उनकी पार्टी एनडीए से अलग हो सकती है?
वहीं 17 मार्च को बेचैनी की शिकायत के चलते लालू को राजेद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में भर्ती कराया गया था। इसके बाद रिम्स ने लालू को दिल्ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) के लिए रेफर कर दिया। उन्हें गुरूवार को दिल्ली लाया गया। उनके बल्ड में शुगर की मात्रा बढ़ी हुई है और उनके गुर्दे में भी संक्रमण है। लेकिन अब लालू की हालत स्थिर है। सीबीआई की विशेष अदालत से अनुमति लेकर वह इलाज के लिए ट्रेन से
दिल्ली आए। डॉक्टर्स ने उन्हें विमान की बजाय ट्रेन से जाने की सलाह दी थी क्योंकि उनकी हालत विमान से सफर करने की नहीं थी।
हालांकि
एम्स के पांच चिकित्सकों की विशेष टीम ने लालू का उपचार शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को एम्स के सर्जिकल इमरजेंसी में पहुंचने के बाद उनकी चिकित्सीय जांच शुरू हुई। जांच के बाद उन्हें प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें कमरा नंबर 101 मिला है।
वहीं, एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि कार्डियो, एंड्रोकाइनोलॉजी, यूरोलॉजी, सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने लालू की जांच शुरू कर दी है। उनकी रक्त जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। शुक्रवार को रिपोर्ट आने के बाद ही उपचार शुरू होगा। साथ ही एम्स ने इस बाबत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। डॉक्टर ने ये भी बताया है कि लालू यादव किस गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं? इसके बारे में रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।