अगर आप भी किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, और वेतन या काम की शर्तों को लेकर अपनी कंपनी से परेशान हैं तो यह खबर आपके लिए है। नरेंद्र मोदी सरकार एक बड़ा कानून लाने जा रही है। इस कानून के लागू हो जाने के बाद कंपनियां आपको तय न्यूनतम वेतन से कम मजदूरी नहीं दे पाएंगी। यह नियम राज्य सरकारों के लिए भी लागू होगा।
राज्य सरकारें इस न्यूनतम दर से ऊपर मजदूरी तय कर सकेंगी। साथ ही सेवा की अन्य न्यूनतम शर्तों को भी पूरा करना कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा। इस 'नेशनल मिनिमम फ्लोर वेज बिल' को जल्द ही संसद से पारित कराया जा सकता है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने दी।
श्रम एवं रोजगार मामलों के राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को औद्योगिक संगठन फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश में अनेक कंपनियां बड़ा कारोबार करने के बाद भी अपने कर्मचारियों को उचित लाभ नहीं देती हैं।
निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ यह अन्याय सबसे ज्यादा होता है। लेकिन नया कानून लागू होने के बाद कंपनियां ऐसा नहीं कर पाएंगी। राज्य सरकारें भी राष्ट्रीय स्तर पर तय न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन नहीं दे सकेंगी।
गंगवार ने कहा कि कर्मचारियों के आंकड़े अब ऑनलाइन रखना अनिवार्य कर दिया जाएगा। लेबर इंस्पेक्टर की भूमिका में बड़ा बदलाव होगा। अब यह फैसिलिटेटर की तरह से काम करेगा और यह किसी भी कंपनी के कर्मचारियों की जानकारी एकत्र करने के बाद ऑनलाइन ही भरा जाएगा। ये सभी आंकड़े 48 घंटे के अंदर वेबसाइट पर अपलोड हो जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि सरकार उद्यमियों के सामने आने वाली परेशानी को भी कम करने का पूरा प्रयास कर रही है। अब नई कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया एक टेबल पर पूरी कराई जाएगी। उन्हें इसके लिए जगह-जगह पर भटकना नहीं पड़ेगा।