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2022 तक 175 गीगावाट सौर ऊर्जा का होगा उत्पादन: PM मोदी

Mon, 12 Mar 2018 11:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोदी-मैक्रों
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कुल ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में सौर बिजली का हिस्सा बढ़ाने पर जोर दिया है। रविवार को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठजोड़ (आईएसए) के संस्थापन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए रियायती और कम जोखिम वाला कर्ज उपलब्ध कराने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने देश में 2022 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन को 175 गीगावॉट तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने 10 सूत्रीय कार्य योजना पेश की।

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इस कार्य योजना में सभी राष्ट्रों को सस्ती सौर प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराना, ऊर्जा मिश्रण में फोटोवोल्टिक सेल से उत्पादित बिजली का हिस्सा बढ़ाना, नियमन और मानदंड बनाना, बैंक ऋण योग्य सौर परियोजनाओं के लिए सलाह देना और विशिष्टता केंद्रों का नेटवर्क बनाना शामिल है। आईएसए के 2030 तक 1000 गीगावॉट के सौर बिजली उत्पादन व 1000 अरब डॉलर का निवेश जुटाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पीएम मोदी ने इस क्षेत्र को रियायती कर्ज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं को कम जोखिम वाला वित्त उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

सदस्य देशों के लिए 500 प्रशिक्षण स्लॉट

आईएसए के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सदस्य देशों के लिए 500 प्रशिक्षण स्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में शोध एवं विकास को आगे बढ़ाने के लिए सौर प्रौद्योगिकी मिशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएसए सचिवालय को मजबूत तथा पेशेवर बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा एक स्थायी, सस्ता और भरोसेमंद स्रोत है।
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सभी लोगों को मिलकर करना होगा काम: मैक्रों

सम्मेलन को संबोधित करते फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मेक्रों ने कहा कि सौर ऊर्जा के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार, प्राइवेट सेक्टर और सिविल सोसाइटी को मिलकर काम करना होगा। किसी का नाम लिए बिना मैक्रों ने कहा के कुछ देश ऐतिहासिक पेरिस समझौते से हट गए। उन्होंने कहा कि आईएसए राष्ट्र पूरी तरह से परिणाम देने के लिए एक साथ आए हैं। मैक्रों ने कहा कि आईएसए में शामिल देश दुनिया की तीन-चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन देशों के 20 से 50 फीसदी लोगों के पास बिजली की पहुंच नहीं है। उन्होंने कहा कि संयुक्त लक्ष्य साल 2020 तक 1 टेरावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का है। इसके लिए हमें 1000 अरब यूएस डॉलर के राशि की जरूरत होगी।

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